ख़बरजनमत फै़ज़ को क्यों और कैसे पढे़ ?प्रणय कृष्णJanuary 3, 2020January 3, 2020 by प्रणय कृष्णJanuary 3, 2020January 3, 20205 2686 उर्दू काव्यशास्त्र में मज़मून (कंटेंट) और मानी (मीनिंग) में फर्क किया गया है। इसे समझने के लिए हमें ‘गुबारे- अय्याम’ में संकलित ‘तराना-2’ (1982) सुनना/पढ़ना...
कवितासाहित्य-संस्कृति ‘जश्ने फैज़’ ने अभियान का रूप लिया, आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, लखनऊ, पटना, दरभंगा में हो रहा है आयोजनसमकालीन जनमतFebruary 7, 2018May 31, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 7, 2018May 31, 202012573 आगरा में 13 फरवरी को होने जा रहा ‘जश्ने फैज़’ का आयोजन ऐतिहासिक रूप लेने जा रहा है. किसी एक लेखक या रचनाकार को लेकर...