कविता लोक गीतों में चौरी चौरा विद्रोह -‘ माई रहबू ना गुलाम, न बहइबू अंसुआ ’समकालीन जनमतFebruary 4, 2018February 4, 2021 by समकालीन जनमतFebruary 4, 2018February 4, 20215 2712 ( ये लोकगीत कथाकार -लेखक सुभाष कुश्वाहा की पुस्तक ‘चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता आंदोलन ’ से लिए गए हैं ) दोहा गोरखपुर में...
इतिहास अली बंधुओं के बारे में गाना सुनने के बाद जुलूस चल पड़ा था चौरी चौरा थानेसमकालीन जनमतFebruary 4, 2018February 4, 2021 by समकालीन जनमतFebruary 4, 2018February 4, 20218 4181 चौरी चौरा विद्रोह की बरसी पर विशेष (भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन की अभूतपूर्व घटना चौरी चौरा विद्रोह की आज बरसी है. 4 फ़रवरी 1922 को स्वयंसेवकों...