समकालीन जनमत

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साहित्य-संस्कृति

याद -ए- रफ़ी : मानवीय उत्सवों के गायक थे मोहम्मद रफ़ी

उमा राग
शहंशाह-ए-तरन्नुम मोहम्मद रफ़ी के देहावसान के 45 वर्ष हो चले लेकिन उनके मुख्य धारा हिंदी गानों के अतिरिक्त ग़ज़ल, भजन, देशभक्ति गीत, क़व्वाली और अन्य...
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