समकालीन जनमत

Tag : हिंदी आलोचना

साहित्य-संस्कृति

आलोचना की सामाजिकता

जिस क्रियापद से लोचन बनता है उसी से आलोचना भी। इसका मतलब कि आलोचना के लिए देखने की शक्ति होनी चाहिए। मनुष्य की सभी ज्ञानेंद्रियों...
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