जन संस्कृति मंच ने पुलिस के वाहन से एक व्यक्ति की मौत के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रहे झारखंड के दुमका के पत्रकार आदिल नवाब के खिलाफ एफआईआर की निंदा करते हुए कहा है कि पत्रकारों को जनता के मुद्दों को उठाने से रोकने के लिए पुलिस उनका उत्पीड़न कर रही है।
आदिल नवाब ‘ द रूरल इकोज‘ नाम का यूट्यूब चैनल संचालित करते हैं और इसके ज़रिए जन सामान्य के मुद्दों को सामने लाते हैं।
विगत 16 जुलाई की शाम छह बजे को भागलपुर – दुमका मुख्य मार्ग पर पुलिस की गाड़ी से टक्कर लगने से 60 वर्षीय भोला मंडल की मौत हो गई।जब लोगों को पता चला कि पुलिस की गाड़ी से भोला मंडल की मौत हुई है तो उन्होंने जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्पीड़न किया। भोला मंडल के परिवार की महिला को उठा कर पटक दिया।

पत्रकार आदिल नवाब ने मौके पर पहुंच कर घटना की रिपोर्टिंग की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए और उन्हें दिखाया। बाद में पुलिस ने उनके सहित 32 लोगों के खिलाफ सरकारी कम में बाधा डालने सहित कई गंभीर आरोपों में केस दर्ज कर लिया। पुलिस आदिल नवाब को गिरफ्तार करने उनके घर भी पहुंच गई।
जन संस्कृति मंच पत्रकार आदिल नवाब के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्यवाही की भर्त्सना करता है और उनके ऊपर दर्ज केस को तत्काल हटाने की माँग करता है।

