मुसमरिया, जालौन। मोदी सरकार की कारपोरेट परस्त नीतियां कृषि संकट को इस कदर बढ़ा रही हैं कि अब यह राजनीतिक संकट में बदल गया है। इसलिए देश में संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करना ही होगा।
यह बात मुसमरिया के बी बी गार्डन में 4 जुलाई को ‘कृषि संकट और भूमि सुधार’ विषय पर आयोजित सेमिनार को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष का0 जयप्रकाश नारायण ने कही।
उन्होंने 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी किसान मजदूर हड़ताल को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीतियां कृषि संकट को बढ़ाने के लिए इस हद तक जिम्मेदार है कि आज पूरे देश का ताना-बाना ही बिखर गया है।
कृषि संकट ने पूरी अर्थव्यवस्था को ही अपनी चपेट में ले लिया है। बड़े पैमाने पर उद्योगों की बन्दी, सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण, श्रम कानूनों का खात्मा और कल्याणकारी रास्ते से विचलन ने करोड़ों लोगों की रोजी रोटी छीन ली है जिसके चलते पूरा बाजार मंदी की चपेट में है।
उन्होंने कहा कि इसका फायदा उठाकर आज अमरीकी साम्राज्यवाद भारत को अपनी लूट की मंडी बनाने के लिए हमारे हुक्मरानों पर दबाव बना रहा है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अमरीका के दबाव में है और उसके साथ देशघाती किसान विरोधी समझौता करने को तैयार है।
किसान नेता ने कहा कि इतना ही नहीं यह सरकार अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए बिजली के निजीकरण करने पर तुली है और अगर बिजली का निजीकरण होता है तो यह इतनी मंहगी हो जाएगी कि देश के किसानों मजदूरों को बिजली जैसी अनिवार्य और मूल भूत आवश्यकता से वंचित होना पड़ेगा।
बिजली मंहगी होने से चीजें मंहगी हो जाएगी जिसके चलते कृषि संकट और गहरा होगा ।उन्होंने कहा कि इससे क़र्ज़ की अनियंत्रित वृद्धि होगी, आत्महत्याएं और पलायन बढ़ेगा, समाजिक ताना- बाना बिखर जयेगा। उन्होंने कहा कि किसानों मजदूरों ने कृषि संकट और देश को बचाने के लिए ही 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आवाह्न किया है इसलिए किसानों मजदूरों, छात्रों युवाओं को एकजुट होकर पूरी ताकत से इसे सफल बनाना है।
सेमिनार को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) की राज्य स्थाई समिति के सदस्य और बुन्देलखण्ड प्रभारी का0 रमेश सिंह सेंगर ने कहा कि मोदी सरकार की दमनकारी नीतियों के चलते देश में चौतरफा संकट पैदा हो रहे हैं जिससे बचने और अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए मोदी सरकार साम्प्रदायिक और विभाजनकारी एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा मोदी योगी का बुल्डोजर अल्पसंख्यकों, दलितों के ऊपर कहर बनकर टूट पड़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सारी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अपना शिकंजा कस कर उसका इस्तेमाल विरोध को कुचलने के लिए कर रही है। इसलिए भाजपा मुक्त भारत बनाने के लिए किसानों मजदूरों को एकजुट होकर सड़कों पर उतरना होगा।

पार्टी के जिला मंत्री का0 राजीव कुशवाहा ने 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की सफलता के लिए 11 बजे से अम्बेडकर चौराहा उरई से जिलाधिकारी कार्यालय तक होने वाले मार्च में शामिल होने की अपील की।
सेमिनार में झांसी के किसान नेता का0 के पी सिंह,किसान नेता का0शिव बीर सिंह,का0 हरीशंकर अहिरवार,का0 विजय भारतीय, किसान नेता जेंटर सिंह ऐक्टू के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य का0 रामसिंह चौधरी ने संचालन करते हुए कहा कि कृषि संकट से देश को बचाने के किसानों मजदूरों की बड़ी गोल बन्दी करनी होगी। तीन सदस्यीय अध्यक्ष मण्डल का0के पी सिंह,का0अश्वनी तिवारी और सेंटर सिंह ने कार्यक्रम का मार्ग दर्शन किया।
कार्यक्रम में उक्त लोगों के अलावा पार्टी की जिला कमेटी के सदस्य का0रमेश टेलर,का0 मुन्ना यादव,का0नरेन्द्र श्रीवास,का0राधेश्याम अहिरवार, का0विनोद सिंह का0अशोक दोहरे ,का0चरन सिंह, श्रीकांत सिंह महेवा,का0इन्द्र पाल सिंह,श्री रामराज सिंह, शिवकुमार सिंह आदि लोग प्रमुख रूप से मौजूद थे।

