Tag : सबरीमाला

जनमत

कहानी दो फैसलों की : आसिया बीबी और सबरीमाला

राम पुनियानी
आज दोनों पड़ोसी देशों में कई मामलों मे एक-से हालात हैं। कुछ दशक पहले तक भारत का चरित्र अपेक्षाकृत लोकतांत्रिक, उदार एवं धर्मनिरपेक्ष था किंतु...
जेरे बहस

जेल का भय रिश्ते का आधार नहीं, संवैधानिक नैतिकता से बनेगा लोकतांत्रिक समाज

कविता कृष्णन
अगर हमारे कानून सामाजिक नैतिकता के आधार पर बनने लगे तो सोचिए कि हमारे समाज का क्या होगा ! क्योंकि सामाजिक नैतिकता तो अक्सर यही...