समकालीन जनमत
स्मृति

‘ जब भी समाज में अंधेरा गहराता है, विचार के गर्भ से उठती है आंधी ’

समकालीन जनमत
 काॅ. बृजबिहारी पांडे की स्मृति सभा में जुटे देश के विभिन्न हिस्सों के वामपंथी नेता पटना। भूमिहीन गरीब किसानों के ऐतिहासिक नक्सलबाड़ी उभार के दौर के...
पुस्तक

स्मृतियों के कथ्य में जीवनानुभव की अभिव्यक्ति

समकालीन जनमत
राम विनय शर्मा ‘ग़ाज़ीपुर में क्रिस्टोफर कॉडवेल’ पत्रकार और लेखक उर्मिलेश के संस्मरणों का संकलन है। ‘प्रमुखतः इसमें साहित्य-संस्कृति और मीडिया से सम्बद्ध लोगों, प्रसंगों...
कविता

सतीश छिम्पा की कविताएँ अपने समय से किये गए बेचैन सवाल हैं

समकालीन जनमत
अनुपम त्रिपाठी सतीश जी राजस्थान के रहने वाले हैं. इनके तीन कविता संग्रह ‘लहू उबलता रहेगा’ (फिलिस्तीन के मुक्ति संघर्ष के लिए), ‘लिखूंगा तुम्हारी कथा’, ‘आधी...
यात्रा वृतान्त

रौशनी झरोखों से भी आती है

के के पांडेय
भट्ट जी, इसी नाम से पुकारते हैं हम उन्हें. वैसे उनका पूरा नाम खीमानंद भट्ट है. अल्मोड़ा में रहते हैं. वे न तो अल्मोड़ा की...
शख्सियत

मुक्तिबोध की अख़बारनवीसी

दुर्गा सिंह
हिन्दी साहित्य में आधुनिक और प्रगतिशील चेतना के साथ सर्जना करने वालों में गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम सबसे प्रमुख है। कविता, कहानी, आलोचना तथा...
जनमत

राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना के विरोध में 19 से 28 सितंबर तक महाअभियान चलाएगी आईआरईएफ

समकालीन जनमत
वाराणसी। केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना के सम्बंध में पूर्वोत्तर रेलवे वर्कर्स यूनियन से सम्बद्ध आई आर ई एफ़ व ऐक्टू की कार्यकारणी सदस्यों की...
ख़बर

इंकलाबी नौजवान सभा के सम्मेलन में यूपी माँगे रोजगार अभियान चलाने का निर्णय

समकालीन जनमत
वाराणसी। इंकलाबी नौजवान सभा 7वां राज्य सम्मेलन नौ सितंबर को बनारस के भगतसिंह-अम्बेडकर हॉल में आयोजित किया गया। सम्मेलन में प्रदेश की 28 जिलों के...
कहानी

स्लोवेनियन कहानीकार लिली पोटपारा की कहानी ‘ चाबी ’

समकालीन जनमत
( ‘ चाबी  ‘लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं।...
स्मृति

भविष्य के समाज की ताबीज

गोपाल प्रधान
नहीं जानता कि महान व्यक्ति किस तरह के होते हैं लेकिन कामरेड बृजबिहारी पांडे बिना शक महान थे। उनका अहैतुक स्नेह मुझे समय समय पर...
ख़बर

‘ अफगानिस्तान की पीड़ित जनता के साथ खड़ा हो भारत ’

समकालीन जनमत
वाराणसी के 22 संगठनों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अफ़गानिस्तान की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि संकट की घड़ी में...
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