समकालीन जनमत
ख़बर

नोबेल पुरस्कार विजेताओं सहित 57 अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भीमा कोरेगांव के आरोपित कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की

नोबेल पुरस्कार विजेताओं, अध्यापकों, मानवाधिकार रक्षकों, वकीलों, संस्कृतिकर्मियों और यूरोपीय साँसदों समेत 57 अंतरराष्ट्रीय व्यक्तियों के समूह ने भारत के प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश से...
शख्सियत

कन्नड़ साहित्यकार सिद्धलिंगय्या: क्रांतिकारिता से सांस्कृतिक इयत्ता तक

समकालीन जनमत
  सर्वेश कुमार मौर्य कोरोना महामारी से लगातार जूझ रहे देश में कर्नाटक से भी एक बुरी खबर आ रही है; कन्नड़ साहित्य के प्रमुख...
कविता

स्त्री जीवन के यथार्थ को दर्शाती मंजुला बिष्ट की कविताएँ

समकालीन जनमत
सोनी पाण्डेय   मैं अक्सर सोचती हूँ कि पुरुषवादी समाज में हमेशा से औरतों का आंकलन ऐसा क्यों रहा कि वह कहने को विद्या की...
सिने दुनिया

सिने दुनिया: कैफ़रनॉम (लैबनीज, अरबी): इन बच्चों की हँसी किसने चुराई है…

फ़िरोज़ ख़ान
आपको एलन कुर्दी याद है। नाम भूल गए होंगे शायद, लेकिन उसकी सूरत और वह हादसा कोई कैसे भूल सकता है। 2 सितंबर, 2015 की...
ख़बर

‘ जनपक्षीय फिल्मकार  बुद्धदेव दासगुप्ता का निधन भारतीय सिनेमा के लिए बहुत बड़ी क्षति ’

सुधीर सुमन
‘बाघ बहादुर’, ‘तहादेर कथा’, ‘उत्तरा’, ‘स्वप्नेर दिन’, ‘कालपुरुष’, ‘दुरत्व’, ‘चराचर’, ‘मंद मेयेर उपाख्यान’, ‘नीम अन्नपूर्णा’, ‘गृहजुद्ध’, ‘लाल दर्जा’, ‘अंधी गली’, ‘फेरा’, ‘जनाला’, ‘अनवर का अजब...
ख़बर

आलोचना की आवाजों को दबाने के लिए फिल्म एक्टिविस्ट और कार्टूनिस्ट पर की गई कार्रवाई : जसम

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच ने गुजरात साहित्य अकादमी की पत्रिका के संपादकीय में कोरोना के दौरान सरकार की संवेदनहीनता को बेपर्द करने वाली पारुल खख्खर की...
ख़बर

जनकवि केदारनाथ अग्रवाल सम्मान 2021 वरिष्ठ कवि कौशल किशोर को दिया जाएगा

बाँदा से प्रकाशित ‘मुक्तिचक्र’ पत्रिका एवं जनवादी लेखक मंच बाँदा के संयुक्त तत्वाधान में बाबू केदारनाथ अग्रवाल की स्मृति में प्रतिवर्ष दिये जाने वाला सम्मान...
स्मृति

वरिष्ठ कन्नड़ दलित साहित्यकार सिद्धलिंगय्या को विदाई सलाम

समकालीन जनमत
हीरालाल राजस्थानी वरिष्ठ कन्नड़ दलित साहित्यकार माननीय सिद्धलिंगय्या (1954 से 11 जून 2021) का जाना एक युग का बीत जाना है. कन्नड़ के जाने माने...
ज़ेर-ए-बहस

आदिवासियों की हत्या पर चुप्पी क्यों ?  

जनार्दन
अप्रैल से मई के बीच कई घटनाएं घटीं। महामारी का विकराल रूप पूरे देश ने देखा, महसूस किया और कई लोगों ने अपने प्रियजनों को...
जनमत पुस्तक साहित्य-संस्कृति

सेवासदनः नवजागरण, हिन्दी समाज और स्त्री

दुर्गा सिंह
हिन्दी भाषा में  प्रेमचंद ने पहला उपन्यास ‘सेवासदन’ लिखा। उर्दू भाषा में यह ‘बाज़ारे हुश्न’ नाम से लिखा गया था। हिन्दी में ‘सेवासदन’ नाम से...
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