ख़बर

रिंकू शर्मा हत्या की निष्पक्ष जांच हो, इसे साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिशों पर रोक लगे

समकालीन जनमत
वामपंथी पार्टियों और मंगोलपुरी इलाक़े के नागरिकों के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस से मिलकर रिंकू शर्मा हत्याकांड के बहाने इलाके में साम्प्रदायिक तनाव बनाने...
ज़ेर-ए-बहस

आपके पाँव देखे..बहुत हसीन हैं, इन्हें ज़मीन पर मत उतारिएगा…क्यों?

समकालीन जनमत
रूपाली सिन्हा उनके पाँव….. आपके पाँव देखे..बहुत हसीन हैं….इन्हें ज़मीन पर मत उतारिएगा…मैले हो जाएँगे…नायिका कागज़ के पुर्ज़े की लिखाई को बार-बार पढ़ती, सुर्ख़ होकर...
चित्रकला

यूसुफ : वैयक्तिक स्वतंत्रता के स्वप्नदर्शी कलाकार

राकेश कुमार दिवाकर
समकालीन कला के परिप्रेक्ष्य में यूसुफ की रचनाएं एक जरुरी तत्व की तरह हैं। उनकी रचनात्मक उपस्थिति समकालीन कला जगत में मौजूद उद्दाम स्वतंत्रता की...
कविता

विशाखा मुलमुळे की कविताएँ स्त्री मुक्ति के सवालों को बारीक़ी से रेखांकित करती हैं

समकालीन जनमत
सोनी पाण्डेय स्त्री जीवन का सबसे कठिन सवाल है “मुक्ति”, उसे मुक्ति चाहिए बेमानी वर्जनाओं से, पितृसत्तात्मक समाज के दोहरे मापदंड से, उसके रास्ते में...
स्मृति

प्रोफेसर डी.एन. झा : तथ्यात्मक इतिहास लेखन से साम्प्रदायिक राष्ट्रवाद की चुनौती से मुकाबला

राम पुनियानी
झा उन विद्वानों में से थे जिन्होंने सक्रिय रूप से एक बेहतर समाज के निर्माण के संघर्ष में अपना योगदान दिया - एक ऐसे समाज...
ख़बर

‘ क्या इस देश से इंसाफ़ का जनाज़ा उठ गया है ’

मैं उनके लिये लड़ रही हूँ क्योंकि मैं जानती हूँ कि वह निर्दोष हैं। और जो भी पत्रकार उनके साथ खड़े हैं वे भी जानते...
स्मृति

अतीत के दर्पण में वर्तमान को देखने वाला इतिहासकार    

जनार्दन
प्रोफेसर डी.एन.झा अब हमारे बीच नहीं हैं। उनका जाना एक सच्चे इतिहासकार का जाना है। वे सरलीकृत अभिकथनों से टकराने और मिथकों की हवा निकालने...
दुनिया

म्यांमार में लोकतांत्रिक संकट , ‘ हीरो ’ नवलनी और आन्दोलनजीवी जनता

समकालीन जनमत
अतुल      सन 1972 में तत्कालीन चीनी राष्ट्रपति झाऊ एन लाई से सवाल पूछा गया कि फ्रांसीसी क्रांति की आज के दौर में प्रासंगिकता...
ख़बर

‘ न्यूज़क्लिक ’ के दफ़्तर पर छापे बेबाक पत्रकारिता का दमन करने की कोशिशों की सबसे ताज़ा कड़ी है

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सरकारी हमले के खिलाफ़ दलित लेखक संघ, प्रगतिशील लेखक संघ, जन संस्कृति मंच, इप्टा, प्रतिरोध का सिनेमा, न्यू सोशलिस्ट इनीशिएटिव और...
ज़ेर-ए-बहस

भारत के नागरिकों को आन्‍दोलनजीवी होने पर गर्व है

दीपंकर भट्टाचार्य
मोदी राज के छ: साल नागरिक स्‍वतंत्रता, भारत के संविधान और लोकतंत्र पर अनवरत हमले के साल रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 8 फरवरी को...

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