समकालीन जनमत

Category: सिनेमा

सिनेमा

आदिवासियों के स्वाभिमान की लड़ाई और सौंदर्य विधान की स्थापना का कलात्मक प्रयास है ‘जय भीम’

समकालीन जनमत
महेश कुमार तमिल फिल्म ‘जय भीम’ जस्टिस चंद्रू के 1993 के एक केस पर आधारित है. यह फ़िल्म अपनी वैचारिक पृष्ठभूमि, यथार्थपरक प्रस्तुति और अस्मितावादी...
सिनेमा

शहादत की अप्रतिम गाथा : सरदार उधम

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार भारतीय सिनेमा में समय समय पर शहीदों पर बॉयोपिक बनती रही हैं। इन फिल्मों में ‘गांधी’ (1982) को छोड़ दें तो अन्य प्रस्तुतियां...
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हिंदी सिनेमा में दिखती ‘आदर्श’ दुनिया पर हिटलर के प्रभाव की शिनाख्त करती किताब

समकालीन जनमत
शक्ति ‘इतिहास, अतीत और वर्त्तमान के बीच कभी न खत्म होने वाला संवाद है’: ई. एच. कार यूँ तो अडोल्फ़ हिटलर और फासीवाद के बारे...
सिनेमा

जाति की जटिलता में गंधर्व विवाह की परेशानियों को उजागर करती फिल्म ‘जाग उठा इंसान’

जनार्दन
1 – जाति व्यवस्था नियंत्रित तथा मर्यादित जीवन भोग का ही दूसरा नाम है। प्रत्येक जाति अपने जीवन में खुशहाल रहने के लिए ही सीमित...
सिनेमा

फ़िल्म ‘द सोर्स’ : ‘से नो टू सेक्स फॉर वाटर’

समकालीन जनमत
प्रतिभा कटियार मेरे घर के ठीक सामने एक कुआँ था. कुआँ अपनी सामन्य भव्यता के साथ मुस्कुराता था. यानी वो पक्का कुआँ था. उसकी जगत...
सिनेमा

क्रिमिनल जस्टिसः बिहाइंड क्लोज़्ड डोर्स- वैवाहिक रिश्ते में अपराध की कथा

दुर्गा सिंह
क्रिमिनल जस्टिसः बिहाइंड क्लोज़्ड डोर्स, डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर प्रसारित हुई  वेब श्रृंखला है। यह पूर्व में प्रसारित क्रिमिनल जस्टिस का सीक्वेल है। इसमें एक...
सिनेमा

12वां पटना फिल्मोत्सव : आखिरी दिन फिल्म ‘तीसरी कसम’ दिखाई गई, नाटक ‘सुखिया मर गया भूख से’ का मंचन

समकालीन जनमत
पटना। हिरावल-जन संस्कृति मंच द्वारा स्थानीय कालिदास रंगालय में आयोजित तीन दिवसीय 12वें ‘ पटना फिल्मोत्सव: प्रतिरोध का सिनेमा’ के आखिरी दिन आज महान कथाकार...
सिनेमा

12वां पटना फिल्मोत्सव : दलितों, किसानों, बच्चों, आदिवासियों, बुद्धिजीवियों और संस्कृतिकर्मियों के जीवन के सवालों से रूबरू हुए दर्शक

पटना। 12वें पटना फिल्मोत्सव के दूसरे दिन प्रदर्शित फिल्मों ने भारतीय समाज और व्यवस्था के बुनियादी अंतविर्रोधों को दिखाते हुए विषमता के लिए जिम्मेवार विकास...
सिनेमा

फैज की नज्म ‘इंतेसाब’ के गायन से शुरू हुआ पटना फिल्मोत्सव

पटना। मशहूर शायर फैज अहमद फैज की नज्म ‘इंतेसाब’  के गायन से 12 वें  पटना फिल्मोत्सव की शुरुआत हुई। हिरावल के कलाकारों ने इसे गाया। इस...
सिनेमा

The Social Dilemma : नए बाज़ार और शोषण के आधुनिकीकरण को उजागर करती फ़िल्म

समकालीन जनमत
' The Social Dilemma' वर्तमान समय में सोशल मीडिया की लत, सर्विलांस कैपिटलिज़्म, data-mining, सोशल मीडिया का राजनीतिक ध्रुवीकरण में इस्तेमाल, बढ़ते मानसिक रोग, आत्महत्याओं...
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