प्रेमचंद : साम्प्रदायिकता और संस्कृति (वीडियो प्रस्तुति -नासिरुद्दीन )

प्रेमचंद के दौर में भी फिरकापरस्ती यानी साम्प्रदायिकता, नफरत फैलाने और बाँटने का अपना जरूरी काम बखूबी कर रही थी. आजादी के आंदोलन की पहली पांत के लीडरों की तरह ही प्रेमचंद का भी मानना था कि स्वराज के लिए इस मसले का खत्म होना जरूरी है.

15 जनवरी 1934 को छपा उनका एक लेख है- साम्प्रदायिकता और संस्कृति. यह लेख काफी मशहूर है और अक्सर हम इससे टकराते हैं.

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रिमझिम बरसे रे बदरिया….

भाकपा-माले की ओर से संचालित जन-अधिकार पदयात्राओं और गांधी मैदान में 1 मई, मजदूर दिवस को आयोजित महासम्मेलन ने साहित्य-संस्कृति की दुनिया को भी नई ऊर्जा, उत्साह और आवेग देने का काम किया. इस अभियान बड़ी संख्या में संस्कृतिकर्मियों ने भागीदारी की.

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चित्तप्रसाद का 1940 में बनाया गया ‘ जलियांवाला बाग ’ हत्याकांड पर एक दुर्लभ चित्र

इस चित्र को क्रूर औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक मुक्तिकामी चित्रकार के साहसिक कला कर्म के रूप देखा जाना चाहिए. साथ ही यह सुदूर पंजाब की इस घटना पर पूर्वी बंगाल के चटगाँव के एक युवा चित्रकार के सही अर्थों में प्रादेशिकता की संकीर्णता से परे जाकर शोषितों के ‘चित्रकार’ की बनने की प्रक्रिया का एक अहम् चित्र भी है. अपनी कला यात्रा में , बाद के दौर में चित्तप्रसाद ने महाराष्ट् , तमिलनाडु , आंध्र प्रदेश , कश्मीर और बंगाल आदि प्रांतों की जनता और उनके सुख-दुःख को अपने…

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यह कैसा फागुन आया है !

( मुजफ्फरपुर के धरमपुर गांव में भाजपा नेता द्वारा बोलेरो गाड़ी से कुचलकर 9 बच्चों को मार डालने की घटना पर कवि एवं संस्कृतिकर्मी संतोष सहर की मार्मिक कविता.  इस कविता को ‘ हिरावल ’ के नाट्यकर्मी संतोष झा की आवाज में आप यहाँ सुन भी सकते हैं )   यह कैसा फागुन आया है ! (बिहार में भाजपा नेता की गाड़ी से कुचलकर मार डाले गए बच्चों के लिए ) हंसते-खेलते ही तो गये थे घर से! हालत हुई ऐसी, किसकी नजर से! देखो आये गोपी भइया तुझे खिलाने…

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गाजीपुर में कला प्रदर्शनी के 11 चित्र

  उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सम्भावना कला मंच और महिला महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में 4 और 5 फरवरी को कला प्रदर्शनी उद‍्भव का आयोजन किया गया. कला प्रदर्शनी में 100 चित्रकारों के चित्र, मूर्ति शिल्प, स्टालेशन आर्ट प्रदर्शित किये गए . जन संस्कृति मंच से जुड़ा संभावना कला मंच वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में कला प्रदर्शनी आयोजित करता रहा है. गाजीपुर की कला प्रदर्शनी के 11 चित्रों को आप भी देखिये.    

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