वैज्ञानिक दृष्टि और आलोचनात्मक यथार्थ वाले विचार संपन्न कवि थे विष्णु खरे: आलोक धन्वा

विष्णु खरे जनता के आक्रोश के संगठित होने की कामना करने वाले कवि हैं। उनकी कविताएं जनसाधारण के जीवन के दृश्यचित्रों की तरह हैं। वर्णनात्मकता और संवेदना के साथ उनकी कविताएं विचार और तर्क के गहन सिलसिले की वजह से महत्वपूर्ण हैं। उनकी कविताएं हमारे संस्कारों और रूढ़ विचारों को बदलने की क्षमता रखती हैं।

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