हमारी संवेदना को विस्तार देता है साहित्य : प्रोफेसर हरीश त्रिवेदी

वाराणसी. साहित्य चिंतक एवं अंग्रेजी के प्रोफेसर हरीश त्रिवेदी ने कहा है कि साहित्य हमारी संवेदना को विस्तार और निखार देता है. साहित्य दूसरों के दुःख की अनुभूति कराकर हमारा दुःख कम करता है और हमारे सुख को व्यक्ति सीमा से ऊपर उठाता है. प्रोफेसर हरीश त्रिवेदी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय के राधाकृष्णन सभागार में ” साहित्य हमें क्या देता है ” विषय पर आयोजित गोष्ठी में बोल रहे थे. यह आयोजन त्रैमासिक पत्रिका ‘साखी’ के अट्ठाइसवें अंक के लोकार्पण मौके पर किया गया था. प्रो त्रिवेदी ने कहा…

Read More

वाराणसी में रैली कर भाकपा माले ने जनता के सवालों पर मोदी-योगी सरकार से जवाब मांगा

सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है. देश के भीतर आतंकवाद का मसला हो या विदेश नीति का मामला हो या विकास का मामला हो. अच्छे दिन की बात तो छोड़ ही दीजिए बुरे से बुरे दिन की साक्षी बन गई है यह सरकार.

Read More

वाराणसी में भाकपा माले की पूर्वांचल स्तरीय जवाब दो रैली 20 को

मोदी-योगी सरकार द्वारा “अच्छे दिन ” लाने का वादा धोखा साबित हुआ. गरीब-दलित-किसान-नौजवान-महिलायें सभी लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. न दो करोड़ रोजगार मिला न किसानों की आय दोगुनी हुई, न काला धन ही वापस आया. वाराणसी में भाकपा माले की 20 जून की जवाब दो रैली में ये सवाल मजबूती से उठाये जायेंगे.

Read More