पहली जंगे आज़ादी और मार्क्स

भारतीय संदर्भ में मार्क्सवाद के बारे में चर्चा करते हुए आम तौर पर यह कहा जाता है कि मार्क्स तो भारत को नहीं समझते थे, उसमें जाति और उसके वर्चस्व के बारे में वे नहीं जानते थे.लेकिन भारत में होने वाले जातीय भेदभाव को मार्क्स बखूबी समझते थे. इसलिए वे साफ़ तौर पर “जात-पात” के “भेदभाव और दासता” का उल्लेख कर रहे थे और भारत के पिछड़ेपन के कारण के तौर पर चिन्हित कर रहे थे.

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