समलैंगिकता अपराध की श्रेणी से बाहर , भाकपा माले ने किया फ़ैसले का स्वागत

भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने एक बयान में कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले का श्रेय एलजीबीटीक्यूआईए कार्यकर्ताओं, व्यक्तियों, संगठनों और वकीलों की समर्पित टीम को जाता है. यह उनकी दृढ़ता ही है जिसके परिणामस्वरूप उच्चतम न्यायालय ने अंततः सुरेश कुमार कौशल मामले में अपनी ऐतिहासिक गलती को सही किया, जिसमें समलैंगिकता को अपराध माना गया था. आज सुप्रीम कोर्ट ने एलजीबीटीक्यूआईए लोगों के अधिकारों को कायम रखने के लिए कहा कि “बहुमतवादी विचार और लोकप्रिय नैतिकता संवैधानिक अधिकारों को निर्देशित नहीं कर सकती है. हमें पूर्वाग्रह को खत्म करना है, समावेशिता अपनानी चाहिए और और समान अधिकार सुनिश्चित करना है.

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