दलितों का भारत बंद : दलित आन्दोलन का नया दौर और नया रूप

  पिछले चार सालों में भारत में दलित आन्दोलन नए रूप में विकसित होना प्रारम्भ कर चुका है.रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या,गुजरात का ऊना आन्दोलन,सहारनपुर में भीम आर्मी का आन्दोलन,महाराष्ट्र के भीमा कोरे गांव का संघर्ष और 2 अप्रैल का दलितों द्वारा किया गया स्वत:स्फूर्त भारत बंद,इन सभी आंदोलनों ने यह साबित किया है कि भारत में दलित आन्दोलन अब नए दौर में प्रवेश कर चुका है. आज के समय में दलित आन्दोलन ज्यादा व्यापक मुद्दों,विस्तृत नजरिये और उग्र तेवर के साथ सामने आया है. लोकतंत्र पर बढ़ते फासीवादी हमले और…

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एससी /एसटी एक्ट : दुरुपयोग की चिंता या कानून की जड़ ही खोदने की कोशिश

उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989  के संदर्भ में फैसला दिए जाने के बाद पूरे देश में इस फैसले के पक्ष और विपक्ष में बहस-मुबाहिसे का माहौल गर्म है. फैसले का विरोध करने वाले मानते हैं कि यह फैसला,अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम को और कमजोर कर देगा. इससे इन जातियों को, जो थोड़ी बहुत कानूनी सुरक्षा हासिल है, उसका भी क्षरण हो जायेगा. इस फैसले का विरोध करने के लिए अनुसूचित जाति के संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया, जिसका समर्थन वामपंथी पार्टियों समेत…

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