ये तारा , वो तारा , हर तारा : लाइट्स बन्द , कैमरा ऑन , एक्शन

डॉ. स्कन्द शुक्ला जब दुनिया में विश्वयुद्ध चल रहा हो और हर जगह बत्ती गुल करने का आदेश हो , तब कोई दूर-सुदूर की ज्योतियों में जीवन टटोल सकता है ? जब आसमान में घुप्प अँधेरा कर दिया गया हो , तब कोई दूरबीनों में नज़रें गड़ाकर तारों की हथेलियाँ देखकर उनकी उम्रें बता सकता है ? और इस तरह तारों को पढ़कर भला क्या ऐसा हासिल हो जाएगा कि उसपर इतनी मग्ज़मारी की जाए ! वॉल्तर बादे और उन जैसे वैज्ञानिक ख़ब्ती नहीं हैं , संसार की चुनिन्दा समझदार…

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