‘ सनातन संस्था ’ और ‘अरबन नक्सल ’

सनातन संस्था के बारे में लोगों को कम जानकारी है। पत्रकारों, सम्पादकों और टी वी चैनलों का ध्यान इस पर नहीं जाता। इसके ठीक विपरीत ‘अरबन नक्सल’ पर काफी कुछ छापा जाता है और टी वी चैनलों पर पिछले एक सप्ताह से यह ‘प्राइम टाइम’ में छाया रहा है। रिपब्लिक टी वी, जी टी वी, इंडिया न्यूज सब ने ‘अरबन नक्सल’ को प्रमुखता दी। ‘टुकड़े टुकड़े होंगे’ से ‘अरबन नक्सल’ तक का यह प्रचार-प्रसार और ‘सनातन संस्था’ एवं ‘हिन्दू जन जागृति समिति’ से आंख मुंदने का क्या अर्थ है ?

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