भाकपा-माले की पटना के गांधी मैदान में ऐतिहासिक रैली, भाजपा को उखाड़ फेंकने का आह्वान

माले महासचिव ने कहा कि मोदी का साढ़े चार साल तबाही का काल है. मोदी ने कहा था कि बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार, लेकिन मोदी के राज में महंगाई आसमान छू रही है. पेट्रोल व डीजल के दाम ने पुराने सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं. राफेल विमानों की खरीद में अबतक का सबसे बड़ा घोटाला हुआ है. कर्ज में डूबे अनिल अंबानी को मोदी ने राफेल खरीद का ठेका दे दिया, जो जनता के साथ विश्वासघात है. आश्चर्य है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल पर मोदी संसद में नहीं बोल सकते हैं, लेकिन अमित शाह तथा अंबानी-अडानी के साथ बैठक कर बातचीत कर सकते हैं. मोदी राज में किसानों और गरीबों को कर्ज नहीं मिल रहा है लेकिन बड़े-बड़े पूंजीपतियों को लगातार छूटें मिल रही हैं. पूंजीपति हजारों करोड़ रुपये लेकर भाग रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी नरेन्द्र मोदी के ही रास्ते चल रहे हैं.

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असली नक्सलियों के बीच

भाकपा माले खुद को आज भी बदल रही है . इसी महीने 5 सितम्बर को गौरी लंकेश की बरखी पर पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और मैंने एक सम्मेलन को सम्बोधित किया था . बाद में उसी रोज फासिज्म के खिलाफ सड़क पर एक नुक्क्ड़ सभा को भी सम्बोधित किया था . मैंने यही महसूस किया , दीपांकर लकीर के फ़क़ीर बनना नहीं चाहते . उनकी पार्टी एक नए वैचारिक आयाम में प्रवेश करना चाहती है . या उसके लिए पंख फड़फड़ा रही है . माले ने मार्क्सवाद को फुले ,आंबेडकर के विचारों और भगत सिंह के सपनों से मंडित करने की पहल की है . 1990 के दशक में ही इस पार्टी ने ब्राह्मणवाद विरोध को अपनी कार्य सूची में शामिल किया था . आज वह इस पर जोर दे रहे हैं .

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वैज्ञानिक दृष्टि और आलोचनात्मक यथार्थ वाले विचार संपन्न कवि थे विष्णु खरे: आलोक धन्वा

विष्णु खरे जनता के आक्रोश के संगठित होने की कामना करने वाले कवि हैं। उनकी कविताएं जनसाधारण के जीवन के दृश्यचित्रों की तरह हैं। वर्णनात्मकता और संवेदना के साथ उनकी कविताएं विचार और तर्क के गहन सिलसिले की वजह से महत्वपूर्ण हैं। उनकी कविताएं हमारे संस्कारों और रूढ़ विचारों को बदलने की क्षमता रखती हैं।

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घोषित हो या अघोषित, भारत पूरी तरह मोदी आपातकाल के दौर से गुजर रहा : दीपंकर भट्टाचार्य

भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि घोषित हो या नहीं, भारत आज पूरी तरह मोदी आपातकाल के दौर से गुजर रहा है, और इसका इलाज उसी तरह किया जाना चाहिए जैसा कि लोगों ने 1977 में इंदिरा आपातकाल का किया था. उन्होंने कहा कि उमर खालिद पर हमले का प्रयास, दाभोलकर, पंसारे, कलबुर्गी और गौरी लंकेश की हत्या, स्वामी अग्निवेश पर बार-बार हमले और मानवाधिकार प्रचारकों का निरंतर उत्पीड़न लोकतंत्र को एक फासीवादी शासन के अधीन करने की एक ही रणनीति का हिस्सा हैं. आज जब आम लोगों के लिए लड़ने वाले वकीलों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और लेखकों पर हमले हो रहे हैं और और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है, तो लोगों को उनके पक्ष में खड़े रहना होगा और बिना शर्त उनकी रिहाई के लिए आवाज उठानी होगी. लोकसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर ऐसी कार्रवाई शासकों के हताशा को ही दिखाती है. आने वाले चुनावों में वे अपनी निर्णायक हार भी देख रहे हैं.

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मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली. लेखकों, बुद्धिजीवियों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी और कवि वरवर राव, वकील सुधा भारद्वाज, मानवाधिकार कार्यकर्ता अरुण फ़रेरा, गौतम नवलखा और वरनॉन गोंज़ाल्विस की गिरफ्तारी के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बुधवार को छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड आदि राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए. इन विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में नागरिक, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल हुए. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ भवन पर वामपंथी संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका…

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पीएचएमसी, पटना में डॉ संजय कुमार के इलाज में लापरवाही, हालत बिगड़ने पर एम्स लाया गया

जानलेवा हमले में बुरी तरह घायल महात्‍मा गाँधी केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, मोतिहारी के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ संजय कुमार की हालत और बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए एम्स ले जाया गया है. पीएचएमसी, पटना में उनके इलाज में घोर लापरवाही बरती गई. इलाज के दौरान डॉ संजय 12 बार बेहोश हो हुए लेकिन चिकित्‍सकों ने बेपरवाही पूर्वक कहा कि मॉब लिंचिंग में यह सब नॉर्मल चीजें होती हैं. यही नहीं उन्हें एम्स रेफर करने में भी पीएचएमसी, पटना के जिम्मेदारों ने अड़ंगा लगाया.

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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पटना में ‘कोरस’ द्वारा प्रतिरोध की एक शाम का आयोजन

14 अगस्त, पटना . स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कोरस द्वारा सांस्कृतिक प्रतिरोध की एक शाम का आयोजन किया गया . यह आयोजन सरकारी संरक्षण में हो रहे मुजफ्फरपुर,पटना,देवरिया समेत पूरे देश में महिलाओं पर हो रही वीभत्स यौन हिंसा के ख़िलाफ़ था. कार्यक्रम की शुरुआत 1857 के नायक अजीमुल्ला खां के गीत ‘हम हैं इसके मालिक हिंदुस्तान हमारा’ से हुई.  इसी दौरान वामदलों का कैंडिल मार्च जीपीओ गोलंबर से चलकर बुद्ध स्मृति पार्क पहुंचा . कार्यक्रम की शुरुआत 1857 के नायक अजीमुल्ला खां के गीत ‘हम हैं इसके मालिक हिंदुस्तान…

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कवि वीरेन डंगवाल के 71वें जन्मदिन पर बरस रही थी कवि की याद

(पांच अगस्त को हिंदी के कवि वीरेन डंगवाल का जन्म दिन होता है । देश भर में कवि की याद में हुए आयोजनों में से कुछ झलकियाँ यहां प्रस्तुत हैं ।) बरस रही थी कवि की याद  कल पांच अगस्त को कवि वीरेन डंगवाल का जन्मदिन था .कवि तो बहुत हैं और उनकी यादें भी ,परन्तु मैंने लोगों को जिस तरह वीरेन डंगवाल को याद करते हुए सुना है ,देखा है वैसा किसी को नहीं .जो उनसे एक बार भी मिला है ,जो उनसे लोगों को मिलते हुए देखा भर…

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बिहार बंद : पटना में महिलाओं के साथ पुलिस की धक्कामुक्की, बंद समर्थकों ने ट्रेनें रोकी

वाम दलों द्वारा आहूत आज के बिहार बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है. कई स्थानों पर रेलवे के परिचालन को बाधित किया गया है, तो राष्ट्रीय व राज्य पथों पर भी जगह-जगह बंद समर्थकों ने जाम लगा रखा है. समाज के विभिन्न तबके के लोगों ने मुजफ्फरपुर यौन उत्पीड़न व बिहार में दलित-गरीबों पर हमले के खिलाफ आयोजित आज के बिहार बंद को सक्रिय समर्थन दिया है.

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पटना में प्रेमचंद जयंती पर हिरावल ने ‘निर्वासन’ का मंचन किया

पटना.कथा सम्राट प्रेमचंद जयंती के अवसर पर आज स्थानीय छज्जूबाग में हिरावल के कलाकारों ने प्रेमचंद की कहानी ‘निर्वासन’ का नाट्य प्रदर्शन किया। साथ ही, फिरकापरस्ती के विरुद्ध रचनाओं का गायन किया. इस अवसर पर हिरावल की ओर से ‘निर्वासन’ के आधार पर निर्मित फिल्म को भी जारी किया गया.  नाटक और फिल्म में काम करनेवाले कलाकार प्रीति प्रभा और राम कुमार हैं. महिलाओं पर बढ़ रही हिंसा और सांप्रदायिक फासीवादी माहौल के खिलाफ आयोजित इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित दर्शकों को संबोधित करते हुए लेखक संतोष सहर ने…

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड :बिहारी समाज पहले दिन से आंदोलित है

कुमार परवेज मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड को मीडिया में अब जगह मिल रही है क्योंकि इसे अब दबाया नहीं जा सकता. दबाने के बहुत प्रयास हुए थे, लेकिन बिहारी समाज ने ऐसा होने नहीं दिया. घटना की जानकारी के पहले दिन से ही वह लड़ रहा है, पता नहीं रवीश कुमार ने ने अपने लेख में ऐसा क्यों लिखा कि सांस्थानिक यौन उत्पीड़न की ऐसी वीभत्स घटना पर बिहारी समाज सोता रहा. नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है. मुजफ्फरपुर के अखबारों में 2 जून को यह घटना सामने आई. उसके…

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पटना के गर्दनीबाग में भूमिहीनो, गरीबों व दुकानदारों को उजाड़ने के खिलाफ दो दिन अनशन

गर्दनीबाग में बरसों से रह रहे भूमिहीन-गरीबों को सरकार के निर्देश पर उजाड़ा जा रहा है. प्रशासन ने गरीबों की झोपड़ियां ढाहनी शुरू कर दी हैं. गर्मी और अब बारिश में हजारों परिवार पेड़ के नीचे अपना जीवन गुजर बसर कर रहे हैं. उनके पास अन्यत्र न तो कोई जमीन है और न ही किराये के मकान में वे रह सकते हैं. बिजली व पानी सप्लाई भी बाधित कर दी गई है.

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महिलाओं पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ़ पटना में महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन

महिलाओं पर बढ़ती हिंसा और सरकारी संरक्षण में रहने वाली लड़कियों के साथ बिहार के अनेक हिस्सों में बलात्कार की घटनाओं पर मुख्यमंत्री की चुप्पी के विरोध में 20 जुलाई को कई महिला संगठनों ने मिलकर काला दिवस मनाया और मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन किया.

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पटना में नागरिक प्रतिवाद सभा आयोजित कर स्वामी अग्निवेश पर जानलेवा हमले की भर्त्सना

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर विद्यार्थी परिषद व भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा किये गए जानलेवा हमले के खिलाफ बुधवार को कारगिल चौक, पटना में नागरिक प्रतिवाद सभा आयोजित की गई है. सभा में उपस्थित सैकड़ों लोगों ने एक स्वर में लोकतंत्र पर जारी इस चौतरफा हमले के विरोध में एकजुटता दिखलाई.

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भाकपा माले 27 सितंबर को गांधी मैदान में भाजपा भगाओ-लोकतंत्र बचाओ रैली करेगी

भाकपा माले ने 27 सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भाजपा भगाओ – लोकतंत्र बचाओ रैली करने का निर्णय किया है. जहानाबाद में संपन्न दो दिवसीय राज्य कमिटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया.

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‘ जो बंदिशें लगाते हैं, वे लगाएँगे, जो उन्हें गाते हैं, वो गाएँगे ’

‘ बंदिश ‘ नाटक पुराने और नए कला परिदृश्य के बीच बदलते सांस्कृतिक संसार की झलक तो उभारता ही है, साथ ही वह संस्कृति और सत्ता के सम्बंध की जटिलता को भी उभारने की कोशिश करता है.

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हैबसपुर जनसंहार के आरोपियों की रिहाई और राघोपुर दियारा कांड के खिलाफ माले का प्रतिवाद

पटना, 2 जून. बाथे-बथानी-मियांपुर-नगरी आदि जनसंहारों की ही तर्ज पर पटना जिले के बहुचर्चित हैबसपुर जनसंहार के सभी 28 आरोपियों को एससी-एसटी कोर्ट द्वारा बरी करने और वैशाली जिले के राघोपुर दियारा में पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में दबंगों द्वारा दलितों पर बर्बर हमले-आगजनी व लूटपाट की घटना के खिलाफ भाकपा-माले ने एक जून को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया. राजधानी पटना में कारगिल चौक पर प्रतिरोध मार्च का आयोजन किया गया और कई जगह पर नीतीश कुमार का पुतला दहन भी किया गया. पटना के अलावा जहानाबाद, अरवल, आरा, गया, पटना…

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पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए लड़ना होगा: पंकज बिष्ट

प्रगतिशील-जनवादी साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों ने ‘ मीडिया की संस्कृति और वर्तमान परिदृश्य ’ पर संगोष्ठी आयोजित की  कठुआ गैंगरेप के खिलाफ लिखी गई कविताओं की पुस्तिका का लोकार्पण भी हुआ पटना. ‘‘ पत्रकारिता की संस्कृति का सवाल लोकतंत्र की संस्कृति से जुड़ा हुआ है। समाज को बेहतर बनाने के बजाय बर्बरता की ओर ले जाने और लोगों को विवेकहीन बनाने की जो कोशिश की जा रही है, उसके प्रति पत्रकारिता की क्या भूमिका है, यह गंभीरता से सोचना होगा। पत्रकारों को यह तय करना ही होगा कि जो खबर वे छाप…

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मजदूर दिवस पर भारी बारिश के बीच पटना के गांधी मैदान में उमड़े हजारों लोग

बिहार के पांच स्थानों से 23 अप्रैल से भाकपा-माले के आह्वान पर निकली भाजपा-भगाओ, बिहार बचाओ जनअधिकार पदयात्रा आज पटना के गांधी मैदान में पहुंची. पदयात्रा के गाँधी मैदान पर पहुचने के बाद महा सम्मेलन शुरू हुआ तभी भारी बारिश शुरू हो गई बारिश के बावजूद लोग डटे रहे और भाजपा भगाओ, बिहार बचाओ और लोकतंत्र बचाओ-देश बचाओ के नारे से गांधी मैदान को गुंजायमान करते रहे.

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