समकालीन जनमत

Tag : Naushad

जनमतशख्सियत

नौशाद की याद में

अभिषेक मिश्रा “रंग नया है लेकिन घर ये पुराना है ये कूचा मेरा जाना पहचाना है क्या जाने क्यूं उड़ गए पंछी पेड़ों से भरी बहारों...
Fearlessly expressing peoples opinion