मुजफ्फरपुर के बाद अब यूपी में भी सरकारी बालिका संरक्षण गृहों से लड़कियां गायब, भाकपा माले और ऐपवा का राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में देवरिया के सरकारी बालिका संरक्षण गृह में जिस तरह से 18 लड़कियों की गुमशुदगी और भाजपा मंत्रियों के संरक्षण में बेबस लड़कियों से देह व्यापार का आश्चर्यजनक मामला प्रकाश में आया. ठीक इसी तरह से एक के बाद एक हरदोई, प्रतापगढ़ के शेल्टर होम से भी लड़कियो के गायब होने की खबरें आती जा रही हैं. भाकपा माले और ऐपवा ने 8 अगस्त को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से मांग की कि देवरिया समेत प्रदेश के सभी सरकारी संरक्षण गृहों की उच्च स्तरीय स्वतन्त्र जांच…

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मंजू वर्मा का इस्तीफा जनांदोलनों की जीत, नीतीश व सुशील मोदी भी कटघरे में

आखिरकार बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को अपना इस्तीफा देना पड़ा है. निसन्देह यह बिहार के महिला आंदोलन की जीत है. ऐपवा के नेतृत्व में बिहार की महिलाएं विगत 8 जून से ही संघर्षरत हैं. गर्मी हो या बरसात मुजफ्फरपुर से लेकर पटना की सड़कों पर वे लगातार लड़ती रहीं. उन्हीं के संघर्षों का नतीजा है कि शेल्टर गृहों में हो रहे संगठित यौन उत्पीड़न व आर्थिक भ्रष्टाचार को एक मुद्दे के बतौर सामने लाया जा सका.

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बिहार बंद : पटना में महिलाओं के साथ पुलिस की धक्कामुक्की, बंद समर्थकों ने ट्रेनें रोकी

वाम दलों द्वारा आहूत आज के बिहार बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है. कई स्थानों पर रेलवे के परिचालन को बाधित किया गया है, तो राष्ट्रीय व राज्य पथों पर भी जगह-जगह बंद समर्थकों ने जाम लगा रखा है. समाज के विभिन्न तबके के लोगों ने मुजफ्फरपुर यौन उत्पीड़न व बिहार में दलित-गरीबों पर हमले के खिलाफ आयोजित आज के बिहार बंद को सक्रिय समर्थन दिया है.

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार कांड के खिलाफ वाम दलों का 2 अगस्त को बिहार बंद

मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार कांड, दलितों पर बढ़ते हमले और गरीबों को उजाड़ने के खिलाफ वामदलों ने संयुक्त रूप से 2 अगस्त को बिहार बंद का आह्वान किया है.

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड :बिहारी समाज पहले दिन से आंदोलित है

कुमार परवेज मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड को मीडिया में अब जगह मिल रही है क्योंकि इसे अब दबाया नहीं जा सकता. दबाने के बहुत प्रयास हुए थे, लेकिन बिहारी समाज ने ऐसा होने नहीं दिया. घटना की जानकारी के पहले दिन से ही वह लड़ रहा है, पता नहीं रवीश कुमार ने ने अपने लेख में ऐसा क्यों लिखा कि सांस्थानिक यौन उत्पीड़न की ऐसी वीभत्स घटना पर बिहारी समाज सोता रहा. नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है. मुजफ्फरपुर के अखबारों में 2 जून को यह घटना सामने आई. उसके…

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