पुरुष सत्तात्मक व्यवस्था को चुनौती दे रहा है #MeToo आंदोलन

यह आंदोलन इस यथास्थिति को तोड़ता है. कुछ स्त्रियां इस संकल्प के साथ आ खड़ी हुई हैं कि हम चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे ,कहेंगे हां कहेंगे. यह कहना भी उस पुरुष सत्तात्मक व्यवस्था के लिए चुनौती है. वह अपनी सत्ता को यों ही जाने नहीं दे सकता. इसलिए वह मजाक उड़ायेगा, व्यंग्य लेख लिखेगा, चर्चा करके माहौल बनायेगा. दर असल यही वह श्रेष्ठता बोध और सत्ता का गुरूर है जिसकी परिणति निर्भया जैसे काण्डों में होती है.

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