लोकेश मालती प्रकाश की कविता : यथार्थ को नयी संवेदना और नए बिन्दुओं से देखने और व्यक्त करने की विकलता

  [author] [author_image timthumb=’on’][/author_image] [author_info]मंगलेश डबराल[/author_info] [/author]   एक युवा कवि से जो उम्मीदें की जाती हैं, लोकेश मालती प्रकाश की कविताएं बहुत हद तक उन्हें पूरा करती हैं. उनमें ताजगी और नयापन है, यथार्थ को नयी संवेदना और नए बिन्दुओं से देखने और व्यक्त करने की विकलता है, और वह गहरी प्रतिबद्धता भी है जो अनेक बार नयी पीढी में कम होती हुई नज़र आती है. कविता की अराजनीतिक होती आबो-हवा के बीच लोकेश प्रकाश अपनी प्रतिबद्धता इस तरह दर्ज  करते हैं: ‘आज की रात मैं अनंत उकताहट/ को…

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