समलैंगिक और ट्रांस जेंडर लोगों के सम्मान और बराबरी के अधिकार पर हमला है सेक्शन 377

1917 के रूसी क्रांति के बाद रूस की क्रांतिकारी सरकार ने समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया. भारत में समलैंगिकता को अपराध बनाने वाले तो अंग्रेज़ ही थे. अंग्रेज़ चले गए पर अपना कानून छोड़ गए, जिसे भेदभावपूर्ण लोग ‘भारत की संस्कृति ‘ कहते हैं !

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