फ़िल्म स्क्रीनिंग में कब हँसते और चुप होते हैं लोग

सितम्बर महीने में रिलीज़ हुई दस्तावेज़ी फ़िल्म ‘अपनी धुन में कबूतरी’ धीरे –धीरे हिट होती जा रही है. 20 दिन से कम के अंतराल में इसकी तीन शहरों में तीन सफल स्क्रीनिंगें हुईं. 2 अक्टूबर को रुद्रपुर शहर के नवरंग रेस्तरां में हुई शानदार स्क्रीनिंग से फ़िल्म स्क्रीनिंग के बारे में कुछ नए निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं. मुख्यधारा के पैसा कमाऊ सिनेमा के विपरीत दस्तावेज़ी फ़िल्म ‘अपनी धुन में कबूतरी’ कई लोगों के सहयोग से निर्मित हुई है इसलिए इसके बनने और फिर दिखाने में मुनाफ़े को बढ़ाने की…

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कबूतरी देवीः पहाड़ी बेगम अख़्तर का मज़दूर चेहरा

बुलन्द आवाज़ और खनकदार गले की मलिका स्वर कोकिला लोक गायिका कबूतरी देवी 7 जुलाई की सुबह दुनिया से विदा हो गईं और फ़िज़ाओं में छोडकर गईं अनगिनत गीत और ढेर सारा सुमधुर संगीत. उनकी लाजवाब गायिकी के सुरीले बोल हमेशा उनके चाहने वालों के कानों में गूंजते रहेंगे,

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