प्रभा दीक्षित के नवगीतों में नारी मन के साथ आमजन भी – कमल किशोर श्रमिक

‘ गौरैया धूप की ’ का हुआ लोकार्पण  कानपुर। जन संस्कृति मंच, कानपुर के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ प्रभा दीक्षित के नवगीत संग्रह ‘गौरैया धूप की’ का लोकार्पण समारोह सिटी क्लब, कानपुर में  30 सितम्बर को आयोजित  हुआ जिसकी अध्यक्षता जनकवि कमल किशोर श्रमिक ने की। यह आयोजन शहीद भगत सिंह के 111 वें जन्मदिवस के अवसर पर था। अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्रमिक ने कहा कि प्रभा दीक्षित के काव्य में क्रमिक विकास हुआ है। उसी का उदाहरण उनका यह नवगीत संग्रह है। भारतीय नारी के अन्तर मन…

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लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के खिलाफ़ प्रतिरोध तेज करें-जसम

नई दिल्ली. जन संस्कृति मंच ने लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी और गिरफ्तारी को जनता के बीच भय और आतंक फ़ैलाने की कार्रवाई करार देते हुए मोदी सरकार के इस अघोषित आपातकाल के खिलाफ़ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन को और व्यापक व तेज करने का आह्वान किया है. जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार सिंह ने जारी बयान में कहा कि 28 अगस्त को देश के कई राज्यों में कई लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी की गयी और कवि वरवर राव,…

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कवि वीरेन डंगवाल के 71वें जन्मदिन पर बरस रही थी कवि की याद

(पांच अगस्त को हिंदी के कवि वीरेन डंगवाल का जन्म दिन होता है । देश भर में कवि की याद में हुए आयोजनों में से कुछ झलकियाँ यहां प्रस्तुत हैं ।) बरस रही थी कवि की याद  कल पांच अगस्त को कवि वीरेन डंगवाल का जन्मदिन था .कवि तो बहुत हैं और उनकी यादें भी ,परन्तु मैंने लोगों को जिस तरह वीरेन डंगवाल को याद करते हुए सुना है ,देखा है वैसा किसी को नहीं .जो उनसे एक बार भी मिला है ,जो उनसे लोगों को मिलते हुए देखा भर…

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प्रेमचंद किसान जीवन की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार धरम, महाजन और साहूकार की भूमिका की शिनाख्त करते हैं

31 जुलाई 2018 को प्रेमचंद जयंती के अवसर पर शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय , बैकुंठपुर(छत्तीसगढ़) में ‘प्रेमचंद और हमारा समय’ विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई | इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. पीयूष कुमार ने कहा कि किसानों की जिस स्थिति को प्रेमचंद ने आज से बहुत साल पहले अपने कथा साहित्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया था, वह आज भी बदली नहीं है बल्कि और ज्यादा भयावह हुई है | उदारीकरण ने लूट का जो तंत्र खड़ा किया है उसने अनंत जीवटता वाले किसानों…

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फासीवाद के खिलाफ संघर्ष में मार्क्स के विचार से बेहतर विचार नहीं- दीपंकर भट्टाचार्य

क्रोनी पूंजीवाद, सांप्रदायिक विभाजन और मनुवादी के बीच गठजोड़ है. लिचिंग स्थाई परिघटना बना दी गई है. लिचिंग करने वालों को पता है कि उन्हें सत्ता का संरक्षण मिला है. यह फासीवाद राज्य नही तो क्या है. ऐसे राज्य या तानाशाही के खिलाफ संघर्ष में मार्क्स के विचार से बेहतर विचार नहीं.

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जसम ने ‘ नया ज्ञानोदय ‘ को बंद करने और कर्मचारियों की छंटनी का विरोध किया

जन संस्कृति मंच ने ‘ नया ज्ञानोदय ‘ को बंद करने और वहां कार्य कर रहे  कर्मचारियों की छंटनी का विरोध किया है. जन संस्कृति मंच द्वारा आज जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘ नया ज्ञानोदय ‘ के बंद होने की सूचना मिल रही है. जैसा की हम जानते है कि एक न्यास होने के नाते ‘भारतीय ज्ञानपीठ ‘ एवं ‘ ज्ञानपीठ ट्रस्ट ‘ को अनेक प्रकार के छूट, लाभ और आर्थिक मदद सरकार से मिलती रही है. साथ ही , ज्ञानपीठ…

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मार्क्स का चिंतन सिर्फ आर्थिक नहीं सम्पूर्ण मनुष्यता का चिंतन है: रामजी राय

मार्क्स ने मुनष्य को एक समुच्चय में नहीं एक सम्पूर्ण इकाई के रूप में समझा और कहा कि वह एक ही समय में आर्थिक, राजनीतिक, दार्शनिक, सांस्कृतिक होता है. उसे टुकड़ो-टुकड़ों में अलग-अलग नहीं देख सकते. मार्क्स का चिंतन सिर्फ आर्थिक चिंतन नहीं सम्पूर्ण मनुष्यता का चिंतन है.

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‘ चन्द्रेश्वर की कविताएं सरल पर लिखना उतना ही कठिन ’

चन्द्रेश्वर प्रेम और प्रतिरोध के कवि हैं. ऐसी कविताओं की जरूरत थी. ये अपनी रचना प्रक्रिया और कन्टेन्ट में समकालीन कविताएं हैं. यहां व्यंग्य चित्र हैं, बहुत कुछ कार्टून की तरह. ये कविताएं जितनी सरल हैं, इन्हें लिखना उतना ही कठिन है. यहां सरलता जीवन मूल्य है.

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पटना म्यूजियम के निदेशक और मशहूर चित्रकार यूसुफ खान पर हमले की भर्त्सना

पटना, 30 मई. जन संस्कृति मंच, बिहार ने नवनिर्मित पटना म्यूजियम के निदेशक और समकालीन भारतीय कला के प्रमुख चित्रकार यूसुफ खान के साथ मारपीट की घटना की कठोर शब्दों में भर्त्सना की है. जन संस्कृति मंच के राज्य सचिव सुधीर सुमन, जसम पटना के संयोजक राजेश कमल और जसम राष्ट्रीय पार्षद चित्रकार राकेश दिवाकर ने कहा है कि आर्ट काॅलेज में घटी आपराधिक घटनाओं के बाद अब नवनिर्मित पटना म्यूजियम के निदेशक, जो कि एक मशहूर चित्रकार भी हैं, पर संस्थान के ही एक अधिकारी द्वारा हमला किया जाना यह जाहिर…

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डीएम दिवाकर के साथ भाजपा एमएलसी द्वारा दुर्व्यवहार की साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों ने भर्त्सना की

पटना. बिहार के प्रगतिशील-जनवादी साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों ने एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट आॅफ सोशल स्टडीज, पटना में आयोजित सेमिनार ‘इंटरजेशनेल मोबिलिटी आॅफ कास्ट’ के दौरान भाजपा के एमएलसी संजय पासवान द्वारा एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट के पूर्व निदेशक डाॅ. डी.एम. दिवाकर के प्रति जातिसूचक शब्दों और गालियों के इस्तेमाल की तीखी भर्त्सना की है। भर्त्सना करने वालों में जन संस्कृति मंच के राज्य सचिव सुधीर सुमन और जसम पटना के संयोजक राजेश कमल, प्रेरणा,जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा के हसन इमाम, जनवादी लेखक संघ के राज्य अध्यक्ष डाॅ. नीरज सिंह और राज्य सचिव विनीताभ, प्रगतिशील लेखक…

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सत्ता का प्रतिपक्ष रचती हैं कौशल किशोर की कविताएं

  ‘वह औरत नहीं महानद थी’ तथा ‘प्रतिरोध की संस्कृति’ का हुआ विमोचन लखनऊ. ‘हंसो, इसलिए कि रो नहीं सकते इस देश में/हंसो, खिलखिलाकर/अपनी पूरी शक्ति के साथ/ इसलिए कि तुम्हारे उदास होने से/उदास हो जाते हैं प्रधानमंत्री जी/हंसो, इसलिए कि/तुम्हें इस मुल्क में रहना है’।  ये पंक्तियां हैं कवि कौशल किशोर की ‘तानाशाह’ सीरीज कविता की जिसका पाठ 5 मई को उन्होंने यूपी प्रेस क्लब में किया। अवसर था जन संस्कृति मंच की ओर से आयोजित उनके कविता संग्रह ‘वह औरत नहीं महानद थी’ तथा गद्य कृति ‘प्रतिरोध की संस्कृति’…

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केदारनाथ सिंह के काव्य वैशिष्टय का अनुकरण नहीं किया जा सकता: प्रो विश्वनाथ प्रसाद तिवारी

साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, संस्कृतिकर्मियों ने प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गोरखपुर, 21 मार्च। प्रेमचन्द पार्क में आज दोपहर बड़ी संख्या में जुटे साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, संस्कृतिकर्मियों ने प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और यादें साझा की। यह आयोजन प्रगतिशील लेखक संघ, जन संस्कृति मंच, जनवादी लेखक संघ, प्रेमचन्द साहित्य संस्थान, भोजपुरी संगम, संगम, सुधा संस्मृति संस्थान, इप्टा, अलख कला समूह आदि ने मिल कर किया था। श्रद्धांजलि सभा में साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि अपने समकालीन कवियों-रघुवीर सहाय, सर्वेश्वर…

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