उनसे झुकने को कहा गया वो रेंगने लग गए

मार्च 1971 में हुए चौथी लोकसभा के चुनाव अपने आप में खासे महत्वपूर्ण थे। कांग्रेस इंदिरामयी हो चुकी थी। तब मार्गदर्शक-मण्डल शब्द तो गढ़ा नहीं गया था लेकिन इंदिरा गांधी को चुनौती दे सकने वाले सभी वरिष्ठ धुरंधर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ) में सिमट गए थे। अपने तूफानी चुनावी दौरों में इंदिरा गांधी जनता को ये बताना नहीं भूलती थीं कि वे जवाहरलाल नेहरू की बेटी हैं और देश सेवा, त्याग, बलिदान उनके परिवार की परंपरा है। माहौल ऐसा बन गया था कि अमेरिका की पत्रिका ‘न्यूज़वीक’ ने लिखा रैलियों…

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