दक्षिणपंथ की कीलें

भगवा खेमे के लिये अपने मंसूबो को पूरा करने के लिए 2019 का चुनाव निर्णायक है और इसके लिये वे कुछ भी करेंगे. यह चुनाव इतना भव्य और नाटकीय होगा जिसकी अभी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं.

Read More

भाजपा का पानी उतरने लगा है : भाकपा माले

उपचुनाव परिणाम भाजपा के लिए नकारात्मक संदेश देते हैं. बिहार, पंजाब आदि राज्यों में भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले दलों के प्रत्याशी भी हार का मजा चखने को बाध्य हुए हैं. यह दिखाता है कि मोदी-योगी सरकार की नीतियों से जनता का भरोसा उठ चुका है और इनकी वादाखिलाफी व महंगाई से लोग परेशान हैं.

Read More

सेक्युलर इंडिया से इतनी दिक़्क़त क्यों है ?

डर या लालच के मारे किसी राजनैतिक दल का पिछलग्गू हो जाना या सरकारी भोंपा बन जाना तो समझ आता है, लेकिन क्या अब भारतीय मीडिया के इस धड़े का संपादकीय नागपुर में लिखा जा रहा है.

Read More

कर्नाटक : लोकतंत्र को कैद

भारत में चुनाव अब नाटक-नौटंकी की तरह हो गये हैं जहां हार-जीत का फैसला जीवन के वास्तविक मुद्दों से नहीं बल्कि मैनेजमेंट, मनी और ध्रुवीकरण के सहारे होता है. मतदाताओं को या तो सम्मोहित के लिया जाता है या फिर उन्हें रोबोट मतदाता बनने को मजबूर कर दिया जाता है. कर्नाटक का नाटक तो चल ही रहा है भविष्य में होने वाले ऐसे कई और नाटकों के लिये तैयार रहिये

Read More

लाल किला को नीलाम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती : दीपंकर भट्टाचार्य

भाजपा को देश व बिहार से भगाना कितना जरूरी हो गया है, यह इससे भी साबित हो रहा है कि इस सरकार ने लाल किला नीलाम कर दिया है. 15 अगस्त को जिस लाल किले पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं, उसे डालमिया ग्रुप के हवाले कर दिया गया है. यह वहीं डालमिया ग्रुप है जिसने बिहार को लूटकर बर्बादी की गर्त में धकेल दिया था.

Read More