समकालीन जनमत

Tag : हिंदी कविता

कविता

प्रकृति प्रेमी और अन्याय के विरुद्ध  संकल्पबद्ध कवि चंद्रकुँवर बर्त्वाल

समकालीन जनमत
कल्पना पंत ‘प्राची से झरने वाली आशा का तो अंत नहीं’ एक पूरा दिन चंद्रकुँवर बर्त्वाल से संबंधित क्षेत्रों के भ्रमण में बीता. वह स्थान...
ख़बर

जनकवि केदारनाथ अग्रवाल सम्मान 2021 वरिष्ठ कवि कौशल किशोर को दिया जाएगा

बाँदा से प्रकाशित ‘मुक्तिचक्र’ पत्रिका एवं जनवादी लेखक मंच बाँदा के संयुक्त तत्वाधान में बाबू केदारनाथ अग्रवाल की स्मृति में प्रतिवर्ष दिये जाने वाला सम्मान...
शख्सियत

ये हमने कैसा समाज रच डाला है?

प्रेमशंकर सिंह
(हिंदी के महत्वपूर्ण कवि वीरेन डंगवाल का आज जन्मदिन है। वह आज हमारे बीच होते तो 73 बरस के होते। वीरेन डंगवाल के जन्मदिन पर...
शख्सियत

वीरेन डंगवाल की कविता: बृजराज

समकालीन जनमत
(आज वीरेन डंगवाल का जन्मदिन है। वह हमारे साथ होते तो आज 73 बरस के होते। उनके जन्मदिन पर समकालीन जनमत विविध विधाओं में सामग्री...
ज़ेर-ए-बहस

हिंदी कविता में हिंदुत्व का प्रिस्क्रिप्शन

राजन विरूप
“दुर्भाग्यवश, हिंदी-साहित्य के अध्ययन और लोक-चक्षु-गोचर करने का भार जिन विद्वानों ने अपने ऊपर लिया है, वे भी हिंदी साहित्य का संबंध हिंदू जाति के...
कविता

‘ फ्री कालिंग है पर बातचीत के हालात नहीं हैं ‘

समकालीन जनमत
आठ मई की शाम समकालीन जनमत द्वारा आयोजित फ़ेसबुक लाइव में जब कवि पंकज चतुर्वेदी अपने कविता पाठ के लिए प्रस्तुत हुए तो काफ़ी देर...
ख़बर

धूमिल के साहित्य के केंद्र में है लोकतंत्र की आलोचनाः प्रो. आशीष त्रिपाठी

समकालीन जनमत
वाराणसीः उदय प्रताप कॉलेज के हिंदी विभाग और धूमिल शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षा संकाय के सभागार में जनकवि धूमिल की पुण्यतिथि पर ‘भारतीय...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

व्यक्तित्व में सरल और विचार में दृढ़: राजेन्द्र कुमार

समकालीन जनमत
विनोद तिवारी पचहत्तर पार : राजेंद्र कुमार राजेंद्र सर हमारे प्रिय अध्यापकों में रहे हैं । वह अपने व्यक्तित्व में नितांत सहज, सरल और साधारण...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

मुक्तिबोध मेरे लिए -अच्युतानंद मिश्र

समकालीन जनमत
अच्युतानंद मिश्र फ़िराक ने अपने प्रतिनिधि संग्रह ‘बज़्मे जिंदगी रंगे शायरी’ के संदर्भ में लिखा है, जिसने इसे पढ़ लिया उसने मेरी शायरी का हीरा...
कविता

सुभाष राय की कविताओं की सबसे बड़ी विशेषता है वाग्मिता- राजेश जोशी

डॉ संदीप कुमार सिंह लखनऊ. कविता पर एक संजीदा बहस. सुभाष राय के कविता संग्रह ‘ सलीब पर सच ’ के बहाने. आज के समय में हिंदी कविता के दो शिखर व्यक्तित्व नरेश सक्सेना और राजेश...
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