समानता का नया यूटोपिया रचती है ‘ देह ही देश ‘ – अनामिका

हिन्दू कालेज में प्रोफ़ेसर गरिमा श्रीवास्तव की किताब ‘ देह ही देश ‘ पर परिसंवाद  डॉ रचना सिंह   दिल्ली। ”देह ही देश” केवल यूरोप की स्त्री का संसार नहीं है बल्कि दर्द और संघर्ष का यह आख्यान अपनी सार्वभौमिकता के कारण बहुपठनीय बन गया है। सुप्रसिद्ध कवि-कथाकार अनामिका हिन्दू कालेज में ‘देह ही देश’ पर आयोजित एक परिसंवाद में कहा कि युवा विद्यार्थियों के बीच इस किताब पर गंभीर चर्चा होना यह विश्वास जगाता है कि स्त्री पुरुष समानता का यूटोपिया अभी बचा हुआ है और गरिमा श्रीवास्तव जैसे लेखक…

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हिन्दू कालेज में ‘ छबीला रंगबाज का शहर ’ का मंचन

युवा लेखक प्रवीण कुमार द्वारा लिखित और रंगकर्मी- अभिनेता हिरण्य हिमकर द्वारा निर्देशित इस नाटक को दर्शकों ने मंत्रमुग्ध होकर देखा। कहानी का बड़ा हिस्सा इस शहर के अनूठे अंदाज को बताने में लगता है। तभी घटनाएं होती हैं और एक दिन तनाव के मध्य अरूप अपने किसी रिश्तेदार किशोर को ऋषभ के घर रात भर ठहरा लेने के अनुरोध से छोड़ जाता है। बाद में अरूप बताता है वह छबीला सिंह था जो जेल से भागा था। वही छबीला सिंह जिसके नाम से शहर कांपता था। विडंबना यह है कि यह छबीला स्वयं शोषण और अत्याचार का शिकार है। असल में कहानी बिहार की जातिवादी संरचना के मध्य बन रहे आधुनिक समाज का जबरदस्त चित्र है।

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सवालों का जवाब मांगना गांधी ने सिखाया – प्रो सुधीर चंद्र

हिन्दू कालेज में ‘आज के सवाल और गांधी’ विषय पर व्याख्यान  डॉ रचना सिंह नई दिल्ली। गांधी ने दुनिया को सिखाया है कि ना कहना मनुष्य का सबसे बड़ा अधिकार है जिसके साथ हमारा नैतिक साहस भी जुड़ा है. आज किसी भी तरह के सवालों को खड़ा करना और उनकी बात करना मुश्किल हो गया है. यह किसी सभ्य जनतांत्रिक समाज के लिए बेहद चिंता की बात है. यह बातें सुप्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक सुधीर चंद्र ने हिन्दू कालेज में ‘आज के सवाल और गांधी’ विषय पर व्याख्यान में कही.…

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