‘रा’ से राम, ‘रा’ से राफेल

आर एस एस न राम को छोड़ रहा है और न कांग्रेस राफेल को। दोनों ‘राम’ और ‘राफेल’ को कस कर पकड़े हुए है। अगले वर्ष लोकसभा का चुनाव है जिसमें राम सबसे बड़े हथियार हैं। राफेल तो है ही। राम मन्दिर दीवानी मुकदमा सुप्रीम कोर्ट में वर्षों से लम्बित है। 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने सुनवाई का समय बढ़ा दिया है और जनवरी 2019 में इसके लिए बेंच बनाने की बात कही है जो सुनवाई की तिथि तय करेगी। इसके पहले 18 अक्टूबर को…

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अगर कहीं मैं तोता होता, तो क्या होता ?

कई दशक पहले एक हिन्दी कवि ने एक कविता लिखी थी ‘अगर कहीं मैं तोता होता, तो क्या होता ?’ पांच वर्ष पहले सुप्रीम कार्ट ने सी बी आई को, जो देश की बसे बड़ी जांच एजेन्सी है, पिंजड़े में बन्द तोता कहा था। केन्द्रीय जांच ब्यूरों यानी सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगेन्द्र सिंह ने 1996-97 में करीब बीस वर्ष पहले ही यह कहा था कि राजनीतिक वर्ग कभी इस संस्था को स्वतंत्रता नहीं देगा। सी बी आई का सिद्धान्त है – उद्योग, निष्पक्षता और ईमानदारी। 1941 में इसका गठन…

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आधार पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय : आने वाला इतिहास असहमति वाले अल्‍पमत निर्णय को ही सही ठहरायेगा

सर्वोच्‍च न्‍यायालय का निर्णय लाखों लोगों को मायूस करने वाला है, क्‍योंकि देश के गरीबों को पीडीएस एवं मनरेगा जैसी जनकल्‍याण की योजनाओं से वंचित करने के लिए आधार का इस्‍तेमाल करने की वैधता प्रदान कर दी गई है. सर्वोच्‍च न्‍यायालय इस इस तथ्‍य को महसूस करने में असफल रहा है कि भोजन या रोजगार का हक़ ऐसे अधिकार हैं जिनसे किसी को भी, किसी भी आधार पर वंचित नहीं किया जा सकता है. बड़े पैमाने पर मौजूद इस तथ्‍य को भी पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है कि आधार में एनरोलमेण्‍ट कराने को बाद भी 27 प्रतिशत गरीबों को जनकल्‍याण योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है.

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बथानी टोला जनसंहार : न्याय का इंतजार कब तक ?

22 साल पहले 11 जुलाई, 1996 को दो बजे दिन में रणवीर सेना के कोई 50-60 हथियारबन्द लोगों ने बथानी टोला को घेर कर हमला किया और दलितों, अपसंख्यको , मजदूर – किसानों, शोषितों के घर मे आग लगा कर 21 लोगों को मार डाला. महिलाओं और बच्चों को खास निशाना बनाया गया. मृतकों में 16 महिलाएं और 7 बच्चे- बच्चियाँ थीं. 3 वर्ष से लेकर 70 वर्ष तक की महिला को भी नही छोड़ा गया. हमलवार पूरे तीन घंटों तक मौत का खेल खेलते रहे. इस टोला के सौ…

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