हमारी संवेदना को विस्तार देता है साहित्य : प्रोफेसर हरीश त्रिवेदी

वाराणसी. साहित्य चिंतक एवं अंग्रेजी के प्रोफेसर हरीश त्रिवेदी ने कहा है कि साहित्य हमारी संवेदना को विस्तार और निखार देता है. साहित्य दूसरों के दुःख की अनुभूति कराकर हमारा दुःख कम करता है और हमारे सुख को व्यक्ति सीमा से ऊपर उठाता है. प्रोफेसर हरीश त्रिवेदी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय के राधाकृष्णन सभागार में ” साहित्य हमें क्या देता है ” विषय पर आयोजित गोष्ठी में बोल रहे थे. यह आयोजन त्रैमासिक पत्रिका ‘साखी’ के अट्ठाइसवें अंक के लोकार्पण मौके पर किया गया था. प्रो त्रिवेदी ने कहा…

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