सबरीमाला में महिलाओं का प्रवेश

यह सही है कि पितृसत्तात्मकता सभी संस्थागत धर्मों का अविभाज्य हिस्सा है। मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश का आंदोलन इस पितृसत्तात्मक व्यवस्था पर चोट कर रहा है और इसके अच्छे नतीजे भविष्य में सामने आ सकते हैं। यद्यपि कानून बनाने से किसी समस्या का पूर्ण समाधान नहीं होता परंतु यह अपने वैध अधिकारों को प्राप्त करने के लिए संघर्षरत समूहों की यात्रा में एक मील का पत्थर होता है।

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संविधान, लोकतंत्र, न्याय, समानता, बन्धुत्व के लिए यूपी यात्रा का आगाज

लखनऊ। सामाजिक संगठनों ने संविधान, लोकतंत्र, न्याय, समानता, बन्धुत्व के लिए आज यूपी यात्रा का आगाज किया। इस मौके पर यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सामाजिक संगठनों ने कहा कि संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय पर बदस्तूर हमला जारी है। ऐसे में यह यात्रा गांव-कस्बों के आंदोलनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की कोशिश है। यह अभियान यूपी में चार चरणों में होगा। आज पहले चरण की शुरुआत की गई जो लखनऊ से प्रारम्भ होकर सुल्तानपुर, जौनपुर, आज़मगढ़, मऊ, बलिया, गाज़ीपुर, वाराणसी, भदोही, इलाहाबाद,…

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