मार्क्स का चिंतन सिर्फ आर्थिक नहीं सम्पूर्ण मनुष्यता का चिंतन है: रामजी राय

मार्क्स ने मुनष्य को एक समुच्चय में नहीं एक सम्पूर्ण इकाई के रूप में समझा और कहा कि वह एक ही समय में आर्थिक, राजनीतिक, दार्शनिक, सांस्कृतिक होता है. उसे टुकड़ो-टुकड़ों में अलग-अलग नहीं देख सकते. मार्क्स का चिंतन सिर्फ आर्थिक चिंतन नहीं सम्पूर्ण मनुष्यता का चिंतन है.

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चंद्रबली सिंह ने जनवाद को परिभाषित करने का काम किया

 ‘हमारा समय और चंद्रबली सिंह की आलोचना दृष्टि’ विषय पर लखनऊ में संगोष्ठी  प्रसिद्ध आलोचक चंद्रबली सिंह की पुण्य तिथि पर कैफ़ी आज़मी एकेडमी में ‘हमारा समय और चंद्रबली सिंह की आलोचना दृष्टि’ विषय पर चंद्रबली सिंह स्मृति न्यास, जलेस, जसम और प्रलेस की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सबसे पहले चंद्रबली सिंह के पुत्र प्रवाल कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। उसके बाद विषय प्रवर्तन करते हुए कथाकार देवेन्द्र ने अपने विद्यार्थी जीवन की तमाम यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि आपातकाल के समय एक…

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मार्क्स और हमारा समय

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने नयी दिल्ली स्थित उर्दू घर में 19 मई के दिन ‘ मार्क्स और हमारा समय ’ शीर्षक से एक आम सभा का आयोजन किया. छात्रों, श्रमिकों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों से खचाखच भरे सभागार को राजनीति विज्ञानी प्रो. अचिन विनायक, जानी मानी अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक, प्रसिद्ध पत्रकार उर्मिलेश तथा भाकपा ( माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने संबोधित किया.

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