ये तारा , वो तारा , हर तारा : लाइट्स बन्द , कैमरा ऑन , एक्शन

डॉ. स्कन्द शुक्ला जब दुनिया में विश्वयुद्ध चल रहा हो और हर जगह बत्ती गुल करने का आदेश हो , तब कोई दूर-सुदूर की ज्योतियों में जीवन टटोल सकता है ? जब आसमान में घुप्प अँधेरा कर दिया गया हो , तब कोई दूरबीनों में नज़रें गड़ाकर तारों की हथेलियाँ देखकर उनकी उम्रें बता सकता है ? और इस तरह तारों को पढ़कर भला क्या ऐसा हासिल हो जाएगा कि उसपर इतनी मग्ज़मारी की जाए ! वॉल्तर बादे और उन जैसे वैज्ञानिक ख़ब्ती नहीं हैं , संसार की चुनिन्दा समझदार…

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हिटलर और फ़ासीवाद का नया उभार

सोवियत संघ के पतन और विश्व अर्थतंत्र में आए बदलावों के चलते तेजी से उभरी नवफ़ासीवादी सक्रियता फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की सबसे खतरनाक प्रवृत्ति बन गई है. मार्टिन ए ली की किताब ‘ द बीस्ट रीअवेकेन्स: फ़ासिज्म’स रीसर्जेन्स फ़्राम हिटलर’स स्पाइमास्टर्स टु टुडे’ज नीओ-नाज़ी ग्रुप्स ऐंड राइट-विंग एक्सट्रीमिस्ट्स ’ में इसी बात को समझने की कोशिश की गई है कि पचास साल पहले जो फ़ासीवाद पूरी तरह बदनाम था वह फिर से किस तरह मजबूत बना.

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