हम सबके गंगा जी

वामपंथी आन्दोलनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नब्बे के दशक में एक व्यक्ति को बहुत शिद्दत से मार्क्सवादी साहित्य की किताबों का स्टाल लगाए देखा करता था. बाद में जब प्रतिरोध का सिनेमा और गोरखपुर फ़िल्म फेस्टिवल की सक्रियता बढ़ी तब इस शख्स से सीधी मुलाक़ात संभव हुई. ये थे हम सबके गंगा जी. हमारे पहले गोरखपुर फ़िल्म फेस्टिवल में भी गंगा जी का स्टाल लगा और फिर वे अपने एक अन्य सहयोगी और मित्र गौड़ साहब के साथ आगे चार फेस्टिवलों में शरीक होते रहे. मैं आदतन उनसे हर रोज…

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क्रान्ति के मोर्चे का सिपाही कामरेड गंगा प्रसाद

पहली पुण्यतिथि 4 अप्रैल पर कौशल किशोर कुछ लोग साधारण दिखते हैं पर वे साधारण होते नहीं। इसी बात को ‘ प्रतिरोध का सिनेमा ’ के सूत्रधार संजय जोशी ‘ गोमती के शहर में गंगा ’ के रूपक में कहते हैं। यह गंगा कोई और नहीं श्रमिक नेता और लेनिन पुस्तक केन्द्र के प्रबंधक कामरेड गंगा प्रसाद हैं। बीते साल 4 अप्रैल को उनका निधन हुआ। एक साल बीत गया लेकिन उनके जाने से जो गैप पैदा हुआ है, वह आज तक भरा नहीं जा सका है। कम्युनिस्ट आदर्शों में…

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