नेसार नाज़ की कहानी ‘मीरबाज़ खान’

(नेसार नाज़ कथा साहित्य में बहुत परिचित नाम नहीं है | छत्तीसगढ़ के एक निहायत ही छोटे से कस्बे बैकुंठपुर (जो अब जिला मुख्यालय बन गया है) में अपनी खूबसूरत मुस्कान के साथ लंबे डग भरते इन्हें आसानी से देखा जा सकता है | आज उनकी उम्र लगभग 62 साल है, पढ़ाई के नाम पर कक्षा सातवीं पास हैं पर हैं हिन्दी, उर्दू, छत्तीसगढ़ी के उस्ताद | नेसार नाज़ का कथाकार रूप कहीं बहुत अंधेरे में खो चुका था लेकिन भला हो कवि व आईएएस अधिकारी संजय अलंग का कि…

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