त्रासदी बनते इतिहास का आख्यानः मदन कश्यप का काव्य

प्रणय कृष्ण (कवि मदन कश्यप को जनमत टीम की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई। इस अवसर पर पढ़िए ‘नीम रोशनी में’ संग्रह पर लिखा गया प्रणय कृष्ण का आलेख और साथ में ही संग्रह की कुछ कविताएं भी) कवि मदन कश्यप द्वारा 1990 के दशक में लिखी कवितायें आज़ाद भारत के सबसे विलक्षण कालखंड के बीच खड़े ‘कालयात्री’ की संत्रस्त सभ्यता-परिक्रमा की द्योतक हैं. नब्बे के दशक , खास कर सन ‘93 से लेकर सन ‘97 के बीच लिखी उनकी कविताओं का प्रतिनिधि संकलन है ‘नीम रोशनी में’ (2000).…

Read More