मजदूरों को निचोड़ने और फेंकने का काल है यह

आज संगठित और असंगठित, दोनों क्षेत्रों में मजदूरों की दशा, अमानवीयता का सामना कर रही है। अपने देश में ज्यादातर मजदूर असंगठित क्षेत्रों में काम करते हैं और लचर श्रम कानून की सीमा से परे होते हैं । केवल 8-9 प्रतिशत मजदूर ही श्रम कानून के अंतर्गत आते हैं । फिर भी नीति नियंताओं की आंखों का पानी मर चुका है। विशेष दुर्दशा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की है जिनकी संख्या कुल मजदूरों का लगभग 92 प्रतिशत हैं । संगठित क्षेत्रों में महज 5 प्रतिशत मजदूर हैं। जिस शिकागो सम्मेलन के द्वारा काम के आठ घंटे निर्धारित करने की लम्बी लड़ाई मजदूरों ने लड़ी थी और जिसे आज भी मजदूर दिवस के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है, वह बेमानी हो चुका है । आज श्रमिकों से अठारह-अठारह घंटे काम लिया जा रहा है। बदले में किसी प्रकार की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए समय नहीं दिया जा रहा ।

Read More

प्रेमचंद किसान जीवन की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार धरम, महाजन और साहूकार की भूमिका की शिनाख्त करते हैं

31 जुलाई 2018 को प्रेमचंद जयंती के अवसर पर शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय , बैकुंठपुर(छत्तीसगढ़) में ‘प्रेमचंद और हमारा समय’ विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई | इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. पीयूष कुमार ने कहा कि किसानों की जिस स्थिति को प्रेमचंद ने आज से बहुत साल पहले अपने कथा साहित्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया था, वह आज भी बदली नहीं है बल्कि और ज्यादा भयावह हुई है | उदारीकरण ने लूट का जो तंत्र खड़ा किया है उसने अनंत जीवटता वाले किसानों…

Read More

अफगानिस्तान में अपहृत 7 मजदूरों पर चुप्पी साधे है झारखण्ड और केंद्र सरकार

अपहृत मजदूरों की क्या स्थिति है, उनका अपहरण किन लोगों ने किया, किस वजह से किया, उनकी रिहाई कब तक होगी और उनकी रिहाई की क्या क्या राजनीतिक-कूटनीतिक प्रयास किये जा रहे है, इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना परिजनों को नही मिल रही है.

Read More

कार्ल मार्क्स : एक जीवन परिचय

दुनिया के मजदूरों के, सिद्धांत और कर्म दोनों मामलों में, सबसे बड़े नेता कार्ल मार्क्स (1818-1883) का जन्म 5 मई को त्रिएर नगर में हुआ जो प्रशिया के राइन प्रदेश में था । पिता पेशे से वकील थे, यहूदी थे लेकिन बाद में प्रोटेस्टेंट धर्म स्वीकार कर लिया था । त्रिएर नगर में प्रारंभिक शिक्षा जिम्नेजियम यानी विशिष्ट पाठशाला में हुई । जिम्नेजियम में ही उन्होंने पेशे के चुनाव पर विचार करते हुए एक लेख लिखा था जिससे आगामी जीवन की उनकी गतिविधियों का अनुमान होता है । इसमें उन्होंने…

Read More

ओमान में नौकरी दिलाने के नाम पर झारखण्ड के 100 मजदूरों से 25 -25 हजार वसूल नकली वीजा दे दिया

  झारखंडी एकता संघ और पूर्व विधायक विनोद सिंह के प्रयास से मुंबई में फंसे 25  मजदूर सरिया पहुंचे   संदीप जायसवाल, बगोदर से ओमान में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगों ने झारखण्ड के 100 मजदूरों से 25-25 हजार वसूल लेकर नकली वीजा दे दिया और फरार हो गये. जबये मजदूर मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें रोक दिया गया. ये मजदूर मुंबई में फंस गए. जानकारी मिलने पर भाकपा माले नेता एवं  पूर्व विधायक विनोद सिंह और मुंबई स्थित झारखंडी एकता संघ ने इनकी मदद की. इनमें से…

Read More