भिखारी ठाकुर लिखित ‘ गबरघिचोर ‘ के मंचन के साथ नाट्योत्सव का समापन

भोजपुरी के नामी कवि-नाटककार भिखारी ठाकुर का यह नाटक अभी भी प्रासंगिक है. ‘गबरघिचोर’ सामाजिक संरचना में स्त्री की जगह, महिला-पुरुष सम्बंध और विभिन्न क़िस्म की सांस्कृतिक सत्ताओं से हमारा साक्षात कराता है

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