मरे हुए तालाब में लाशें नहीं विचारधाराएं तैर रही हैं

“जंगल केवल जंगल नहीं है नहीं है वह केवल दृश्य वह तो एक दर्शन है पक्षधर है वह सहजीविता का दुनिया भर की सत्ताओं का प्रतिपक्ष है वह ” अनुज लुगुन की लम्बी कविता ” बाघ और सुगना मुंडा की बेटी ” का एक अंश। यह चर्चित कविता हमारे समय के आदिवासी संघर्ष और सलवा जुडूम की पृष्ठभूमि में लिखी गई है। बाघ के साथ आदिवासी का प्रेम और भय का एक जटिल रिश्ता रहा है। लेकिन मानव रूपी बाघों की बात अलग है।वे बाघ के संरक्षण की योजनाएं बनाते…

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भारत बंद और उसके बाद दलितों पर हो रहे हमलों के खिलाफ भाकपा माले का राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन

दलितों पर दमन और उत्पीड़न के विरोध में भाकपा(माले) का लखनऊ में अम्बेडकर प्रतिमा पर एक दिवसीय उपवास लखनऊ, अप्रैल। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान व बाद में दलितों पर दमन के विरोध में आज भाकपा (माले) के राज्यव्यापी आवाहन पर लखनऊ, इलाहबाद, चंदौली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन, भूख हड़ताल, उपवास कर प्रतिवाद दर्ज कराया. लखनऊ में उपवास लखनऊ में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर दिवसीय उपवास किया। पार्टी के जिला प्रभारी का0 रमेंश सिंह सेंगर के नेतृत्व में राजीव गुप्त, शकील…

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