हेमन्त कुमार की कहानी ‘ रज्जब अली ’ में सामंती वैभव देखना प्रतिक्रियावाद को मजबूत करना है

कहानी में मूल समस्या साम्प्रदायिकता है. यह कहानी हमारे समय के लिहाज से एक बेहद जरूरी कहानी है. इसलिए जरूरी यह है कि इस कहानी के मूल मन्तव्य पर बात हो. कहानी के मूल मन्तव्य पर बात न करके हम उन्ही प्रतिक्रियावादी साम्प्रदायिक ताकतों के हाथ मजबूत करते दिखेंगे.

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