एनादर मार्क्स: अर्ली मैनुस्क्रिप्ट्स टु द इंटरनेशनल : अर्थशास्त्र संबंधी काम की तैयारी

मार्चेलो मुस्तो की किताब ‘एनादर मार्क्स: अर्ली मैनुस्क्रिप्ट्स टु द इंटरनेशनल’ का दूसरा खंड राजनीतिक अर्थशास्त्र संबंधी मार्क्स के अध्ययन पर केंद्रित है जिसकी शुरुआत पेरिस प्रवास में हो चुकी थी. 1845 में ब्रसेल्स आए और पत्नी तथा पहली पुत्री जेनी के साथ तीन साल रहे. वहां रहने की इजाजत इस शर्त के साथ मिली कि वर्तमान राजनीति के बारे में कुछ नहीं लिखेंगे. अर्थशास्त्र की घनघोर पढ़ाई का सबूत यह कि शुरू के छह महीनों में ही छह नोटबुकें भर गईं. इसके बाद दो महीने मानचेस्टर रहकर अन्य अर्थशास्त्रियों खासकर अंग्रेजों के चिंतन का गहन अध्ययन किया और नौ नोटबुकें भर डालीं. इस समय ही इंग्लैंड के मजदूर वर्ग के हालात पर एंगेल्स की पहली किताब प्रकाशित हुई. अर्थशास्त्र के अध्ययन के अतिरिक्त इसी दौरान नए हेगेलपंथियों के विचारों के विरोध में ढेर सारा लेखन किया जो मरणोपरांत जर्मन विचारधारा के नाम से छपा. इस मेहनत का मकसद जर्मनी में लोकप्रिय नव हेगेलपंथ के ताजातरीन रूपों का खंडन करना और मार्क्स के क्रांतिकारी अर्थशास्त्रीय विचारों को ग्रहण करने की जमीन तैयार करना था. किताब पूरी तो नहीं हुई लेकिन जिसे बाद में एंगेल्स ने इतिहास की भौतिकवादी धारणा कहा उसकी पुख्ता जमीन तैयार हो गई.

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