एक महान चित्र जो दूसरे विश्वयुद्ध की बमबारी में नष्ट हो गया

( तस्वीरनामा की पहली कड़ी में उन्नीसवीं सदी के यथार्थवादी चित्रकला धारा के अग्रणी चित्रकार ज्याँ गुस्ताव कोरबे (1819-1877)  के चित्र ‘ पत्थर तोड़ने वाले ‘ के बारे में बता रहे हैं प्रसिद्ध चित्रकार अशोक भौमिक )   गुस्ताव कोरबे का चित्र  ‘ पत्थर तोड़ने वाले ‘ को गौर से देखने से हमें मेहनतकश श्रमिकों की दुर्दशा के प्रति , चित्रकार की सहानुभूति स्पष्ट दिखाई देती है. चित्र में  पत्थर तोड़ते हुए दो श्रमिकों को हम देख सकते हैं जो पत्थर तोड़ कर,  उसे वहाँ से हटा कर एक सड़क…

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