व्यवस्था की विसंगतियों पर प्रहार है देव नाथ द्विवेदी की गजलों में

लखनऊ में देव नाथ द्विवेदी के  गजल संग्रह ‘ हवा परिन्दों पर भारी है ’ का विमोचन और परिसंवाद कौशल किशोर लखनऊ. ‘ हिन्दुस्तानी जबान में आम आदमी की कविता को हम हिन्दी गजल कहते हैं. समकालीनता और जन पक्षधरता इसके दो घटक हैं. जन समस्या, जन सरोकार, जनाक्रोश और जनांदोलन से हिन्दी गजलो का गहरा जुड़ाव है. दुष्यन्त, गोरख, अदम से यह परम्परा आगे बढ़ी. देव नाथ द्विवेदी की गजलें इसी का हिस्सा है. देव नाथ की गजलों में सरलता और सहजता है तो वहीं गंभीरता और कहने का अपना…

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