डीटीसी कर्मचारियों की ऐतिहासिक हड़ताल, वापस लेना पड़ा वेतन कटौती का सर्कुलर

एस्मा के बावजूद हज़ारों कर्मचारी हड़ताल पर रहे नई दिल्ली. ऐक्टू (AICCTU) से सम्बद्ध डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर द्वारा बुलाए गए व डीटीसी वर्कर्स यूनियन (एटक) एवं डीटीसी एम्प्लाइज कांग्रेस (इंटक) द्वारा समर्थित एक दिवसीय हड़ताल ने आज दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के पहियों को बुरी तरीके से जाम कर दिया. दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के 11 हज़ार से ज्यादा अनुबंधित कर्मचारियों और कई स्थाई कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया. हड़ताल की मुख्य मांगों में से एक मांग को हड़ताल के ठीक एक दिन पहले डीटीसी प्रबंधन द्वारा मान…

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‘ नमक-मिर्च-रोटी धरना ’ में हजारों डीटीसी कमर्चारियों ने भागीदारी की

नई दिल्ली. डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर (ऐक्टू) द्वारा 22 अक्टूबर को डीटीसी मुख्यालय ( आई. पी. डिपो ) पर ‘नमक-मिर्च-रोटी धरना ’ किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में डीटीसी कमर्चारियों ने भागीदारी की। सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए समान काम का समान वेतन लागू करने, डीटीसी प्रबंधन द्वारा जारी वेतन कटौती का सर्कुलर वापस लेने तथा डीटीसी में सरकारी बसों की खरीद की मांग को लेकर डीटीसी के कर्मचारी लगातार आन्दोलन में है। इसी दिशा में 29 अक्टूबर 2018 को डीटीसी कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की घोषणा की गई है।…

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98 फीसदी डीटीसी कर्मचारियों ने हड़ताल के पक्ष में वोट डाला

नई दिल्ली. डीटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने स्ट्राइक बैलट किया और 10 हज़ार 69 वोट हड़ताल के पक्ष में डाल कर संघर्ष और जनवाद का बेहतरीन मॉडल पेश किया है. डीटीसी में लगभग 12 हज़ार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी काम करते हैं। वे पहले ही असुरक्षित रोजगार और अंडर पेमेंट को झेल रहे हैं। मालिकों की अपील पर हाई कोर्ट द्वारा बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी को वापस कम करने का निर्णय से उनकी मुसीबत और बढ़ गई है.  इसका बहाना बना कर डीटीसी प्रबंधन ने  सर्कुलर जारी किया जिसके बाद पहले ही…

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वेतन कटौती के खिलाफ काली पट्टी बाँध कर डीटीसी के हज़ारों कर्मचारियों ने मनाया विरोध दिवस

डीटीसी में काम करनेवाले हज़ारों कर्मचारियों ने वेतन कम करने के डीटीसी प्रबंधन के फैसले का काली पट्टी बांधकर ड्यूटी करते हुए विरोध जताया. डीटीसी के सभी बस डिपो के कर्मचारियों ने 5 सितम्बर को डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर (सम्बद्ध ऐक्टू) के आह्वान पर ‘विरोध दिवस’ कार्यक्रम में जोरदार भागीदारी की. डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर (सम्बद्ध ऐक्टू) के महासचिव कामरेड राजेश ने कार्यक्रम के विषय में बताते हुए कहा कि, “ दिल्ली सरकार और डीटीसी प्रबंधन को दिल्ली की जनता का ख्याल रखते हुए, जन परिवहन को मज़बूत बनाना चाहिए. पर सरकार और प्रबंधन लगातार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के पेट पर लात मारकर डीटीसी के संचालन को बाधित करना चाहते हैं. एक झटके में डीटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के वेतन में 5000 से लेकर 10,000 रूपए तक की कटौती कर दी गई है. डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर इसके खिलाफ हर तरह की लड़ाई में जाने के लिए तैयार है.”

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