हृदय में व्यथा का रिसाव करती हैं सुरेश सेन निशांत की कविता

श्याम अंकुरम सुरेश सेन निशांत नहीं रहे. स्तब्धकारी खबर ! मेरा उनसे परिचय राजवर्धन के संपादन में कविता संकलन ‘स्वर –एकादश ‘ से हुआ था. राजवर्धन से जब यह संग्रह मिला था उनकी कुछ ही कविताओं को पढ़ पाया था जो दिल में गहरे से धंस गई.  उनकी कविता मुझ सहित लोगों के हृदय में व्यथा का रिसाव प्रवाहित कर गई . चाहे वह कविता ‘ गूजरात’ हो या’ पिता की छड़ी ‘ हो . यही मेरा उनसे प्रथम परिचय था . दुर्भाग्य है कि मैं कभी उनसे मिल नहीं…

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प्रभा दीक्षित के नवगीतों में नारी मन के साथ आमजन भी – कमल किशोर श्रमिक

‘ गौरैया धूप की ’ का हुआ लोकार्पण  कानपुर। जन संस्कृति मंच, कानपुर के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ प्रभा दीक्षित के नवगीत संग्रह ‘गौरैया धूप की’ का लोकार्पण समारोह सिटी क्लब, कानपुर में  30 सितम्बर को आयोजित  हुआ जिसकी अध्यक्षता जनकवि कमल किशोर श्रमिक ने की। यह आयोजन शहीद भगत सिंह के 111 वें जन्मदिवस के अवसर पर था। अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्रमिक ने कहा कि प्रभा दीक्षित के काव्य में क्रमिक विकास हुआ है। उसी का उदाहरण उनका यह नवगीत संग्रह है। भारतीय नारी के अन्तर मन…

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लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के खिलाफ़ प्रतिरोध तेज करें-जसम

नई दिल्ली. जन संस्कृति मंच ने लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी और गिरफ्तारी को जनता के बीच भय और आतंक फ़ैलाने की कार्रवाई करार देते हुए मोदी सरकार के इस अघोषित आपातकाल के खिलाफ़ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन को और व्यापक व तेज करने का आह्वान किया है. जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार सिंह ने जारी बयान में कहा कि 28 अगस्त को देश के कई राज्यों में कई लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी की गयी और कवि वरवर राव,…

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भारतीय चित्रकला में स्त्री को उपेक्षित रखा गया है- अशोक भौमिक

पटना: 13 अगस्त 2018. ‘‘भारतीय चित्रकला में ज्यादातर पुरुषों और पितृसत्तात्मक समाज को महिमामंडित करने का कार्य ही किया गया है। स्त्रियों को दोयम दर्जे का स्थान दिया गया है और उन्हें पुरुषों पर आश्रित दिखाया गया है।’’ ये बातें प्रख्यात चित्रकार अशोक भौमिक ने जन संस्कृति मंच द्वारा स्थानीय छज्जूबाग में आयोजित व्याख्यान ‘भारतीय चित्रकला में स्त्री’ में कही। यह कार्यक्रम बिहार और पूरे देश में स्त्रियों के साथ हो रही यौन-हिंसा की नृशंस घटनाओं के खिलाफ आयोजित था। अशोक भौमिक ने व्याख्यान-प्रदर्शन के दौरान यह बताया कि प्राचीन…

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सामाजिक कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह के केस के खिलाफ रांची में प्रदर्शन

झारखंड के 20 सामाजिक कार्यकर्ताओं पर लगाए गए देशद्रोह के केस के खिलाफ वरिष्ठ लेखकों, बुद्धिजीवियों व सांस्कृतिक -सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने 10 अगस्त को शहीद स्मारक पर नागरिक प्रतिवाद ( बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे) कार्यक्रम आयोजित किया.

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वीरेन दा की याद: ‘नदी’ कविता के बहाने से

शिव प्रकाश त्रिपाठी “ लंबे और सुरीले नहीं थे मेरे गान मेरी सांसे छोटी थी पर जब भी गाए मैंने बसंत के ही गान गाए अपनी फटी हुई छाती के बावजूद” बसंत आ चुका है पर न तो हवा में रवानगी ही आई और न फूलों में भौरें. फूल खिले तो हैं पर उनमें कालिख की एक पूरी परत चढ़ी हुई है. ये अंधकार युग की पदचाप भी हो सकती है. एक ऐसा समय गति में है, जहाँ एक तरफ पूरे विश्व में वैश्वीकरण बनाम संरक्षणवाद पर छाती-पीट बहस चल…

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मोहन भारद्वाज ने मैथिली साहित्य में आधुनिक-प्रगतिवादी दृष्टिबोध स्थापित किया: जसम

जन संस्कृति मंच ने मैथिली के वरिष्ठ आलोचक मोहन भारद्वाज के निधन पर शोक संवेदना जाहिर करते हुए कहा है कि उनका निधन भारतीय साहित्य की प्रगतिशील साहित्यिक धारा के लिए एक अपूरणीय क्षति है. नागार्जुन और राजकमल चौधरी के बाद की पीढ़ी के जिन प्रमुख साहित्यकारों ने मैथिली साहित्य में आधुनिक-प्रगतिवादी मूल्यों और नजरिये के संघर्ष को जारी रखने की चुनौती कुबूल की थी, मोहन भारद्वाज उनमें से थे.

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राजेन्द्र कुमार : जैसा मैंने उन्हें देखा

उनका अलंकरण मुश्किल है. उनके बारे में अतिशयोक्ति संभव नहीं. ध्यान से देखें तो उन्होंने अपने जीवन और अपनी रचना में कुछ भी अतिरिक्त, कुछ भी surplus बचाकर रखा नहीं है. जो कुछ भी अर्जित रहा, वह इतने इतने रूपों में बंटता रहा कि कोई चाह कर भी उसका लेखा-जोखा नहीं तैयार कर सकता. सामाजिक सक्रियताओं, लेखकीय प्रतिबद्धताओं, अध्यापकीय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के दरम्यान उनका सारा अर्जन मानों खुशबू की तरह बिखर गया है.

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जसम ने प्रो रूपरेखा वर्मा के साथ एकजुटता की अपील की

लखनऊ, 7 जुलाई. जन संस्कृति मंच ने अवाम के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व उपकुलपति प्रो रूपरेखा वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज  करने का आदेश की कड़ी निंदा की है और लोकतांत्रिक संगठनों, नागरिक समाज, अभिभावकों, बौद्धिकों व नागरिकों से इस घटना का विरोध करने और प्रो रूपरेखा वर्मा के साथ एकजुटता की अपील की है. जन संस्कृति मंच, उत्तर प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष कौशल किशोर जारी बयान में कहा है कि लखनऊ विवि की पूर्व उपकुलपति प्रो रूपरेखा वर्मा को प्रदेश सरकार द्वारा…

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जसम ने ‘ नया ज्ञानोदय ‘ को बंद करने और कर्मचारियों की छंटनी का विरोध किया

जन संस्कृति मंच ने ‘ नया ज्ञानोदय ‘ को बंद करने और वहां कार्य कर रहे  कर्मचारियों की छंटनी का विरोध किया है. जन संस्कृति मंच द्वारा आज जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘ नया ज्ञानोदय ‘ के बंद होने की सूचना मिल रही है. जैसा की हम जानते है कि एक न्यास होने के नाते ‘भारतीय ज्ञानपीठ ‘ एवं ‘ ज्ञानपीठ ट्रस्ट ‘ को अनेक प्रकार के छूट, लाभ और आर्थिक मदद सरकार से मिलती रही है. साथ ही , ज्ञानपीठ…

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महेश्वर स्मृति आयोजन में युवा कवि अदनान कफ़ील दरवेश और विहाग वैभव का काव्य पाठ

महेश्वर चाहते थे कि कवि-लेखकों और जनता के बीच कम से कम दूरी हो: आलोक धन्वा महेश्वर की लड़ाई को आगे बढ़ाने की जरूरत है: संतोष सहर पटना, 24 जून . ‘‘महेश्वर चाहते थे कि कवि-लेखकों और जनता के बीच कम से कम दूरी हो, क्योंकि जनता ही रचना का अनंत स्रोत होती है। वह जनता जो मेहनत करती है, ईमान की रोटी खाती है। खून और कत्लोगारत में डूबो देने की नृशंसता से संघर्ष करते हुए वही जीवन को बचाती है।’’ आज बीआईए सभागार में दो दिवसीय महेश्वर स्मृति…

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झारखंड के कोचांग में नुक्कड़ नाटक दल की महिलाओं के साथ हुए बलात्कार कांड पर जसम का निंदा प्रस्ताव व बयान

जन संस्कृति मंच झारखंड के खूंटी जिले के कोचांग में नुक्कड़ नाटक करने गईं नाटक टीम की लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना की निंदा करता है।यह कृत्य बेहद अमानवीय और सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। जिस तरह पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा हो रही है वह राष्ट्र के सामने एक बड़ी चुनौती है जो भारतीय लोकतंत्र को आइना दिखाती है। निर्भया के बाद पूरे देश मे फैले महिलाओं की बेख़ौफ़ आज़ादी के आंदोलन के बाद बने कड़े कानूनों के बावजूद देश मे बलात्कार की…

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कवि व पत्रकार सुभाष राय को अपमानित किये जाने के खिलाफ लेखक व पत्रकार 12 को विरोध प्रदर्शन करेंगे

लखनऊ, 11 जून। हमारा यह समाज कैसा बन रहा है जहां आम आदमी शान्ति से रहना चाहे तो भी उसे रहने नहीे दिया जायेगा। गुण्डों, लम्पटों, बाहुबलियों, दबंगों, धनपशुओं, समाज में रसूख रखने वालों की सत्ता व खाकी वर्दीधारियों के साथ ऐसी साठगांठ है कि इनकी राह में जो कोई आये, उसे वे ठोकर मार कर गिरा देने में ही अपनी शान समझते हैं। ऐसी ही एक घटना कवि, पत्रकार और ‘जनसंदेश टाइम्स’ के प्रधान संपादक सुभाष राय के साथ घटी। उन्हें और उनकी पत्नी शशि राय के साथ अभद्रता…

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मार्क्स का चिंतन सिर्फ आर्थिक नहीं सम्पूर्ण मनुष्यता का चिंतन है: रामजी राय

मार्क्स ने मुनष्य को एक समुच्चय में नहीं एक सम्पूर्ण इकाई के रूप में समझा और कहा कि वह एक ही समय में आर्थिक, राजनीतिक, दार्शनिक, सांस्कृतिक होता है. उसे टुकड़ो-टुकड़ों में अलग-अलग नहीं देख सकते. मार्क्स का चिंतन सिर्फ आर्थिक चिंतन नहीं सम्पूर्ण मनुष्यता का चिंतन है.

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‘ चन्द्रेश्वर की कविताएं सरल पर लिखना उतना ही कठिन ’

चन्द्रेश्वर प्रेम और प्रतिरोध के कवि हैं. ऐसी कविताओं की जरूरत थी. ये अपनी रचना प्रक्रिया और कन्टेन्ट में समकालीन कविताएं हैं. यहां व्यंग्य चित्र हैं, बहुत कुछ कार्टून की तरह. ये कविताएं जितनी सरल हैं, इन्हें लिखना उतना ही कठिन है. यहां सरलता जीवन मूल्य है.

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‘कुच्ची का कानून’ के मंचन के साथ ‘कोरस’ का ‘आज़ाद वतन-आज़ाद जुबाँ’ नाट्योत्सव प्रारंभ

आसिफ़ा की याद में ‘कोरस’ नाट्य समूह द्वारा ‘आज़ाद वतन-आज़ाद जुबाँ’ नाट्योत्सव की शुरुआत आज से महिलाओं का सवाल सिर्फ़ महिलाओं का नहीं, वरन पुरुषों का भी है, पूरे समाज का: प्रो. डेजी नारायण अभिव्यक्ति की आज़ादी पर ख़तरे के दौर में हम, अंग्रेजों के समय से ही चला जा रहा है  ड्रेमेटिक परफ़ारमेंस ऐक्ट : परवेज़ अख़्तर आज शाम छः बजे से पटना के कालिदास रंगालय में ‘कोरस’ नाट्यसमूह द्वारा आयोजित ‘आज़ाद वतन-आज़ाद जुबाँ’ नाट्योत्सव की शुरुआत हुई। इस नाट्योत्सव में बम्बई की टीम ‘आरम्भ मुम्बई प्रोडक्शन’ अपना नाटक ‘बंदिश’, बेगूसराय से ‘द फ़ैक्ट रंगमंडल’ अपना नाटक ‘गबरघिचोर’ और पटना…

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उदय प्रकाश और उनके परिवार को पूर्ण सुरक्षा मिले, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो-जसम

जन संस्कृति मंच ने मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के सीतापुर गांव में खनन माफिया द्वारा हिंदी के शीर्षस्थ कथाकार, कवि उदयप्रकाश और उनके परिवार को दी जा रही धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए उदय प्रकाश और उनके परिवार को सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. जन संस्कृति मंच के महासचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपियों के ख़िलाफ़ कदम न उठाया जाना दुख और चिंता की बात है. खनन माफिया के साथ स्थानीय…

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‘ मृत्युंजय की कविताएं आम अवाम की बेचैनी, क्षोभ, अवसाद, दुख, पीड़ा और गुस्से का इजहार हैं ’

जन संस्कृति मंच की ओर से छज्जूबाग, पटना में युवा कवि मृत्युंजय के काव्यपाठ और बातचीत का आयोजन हुआ. मृत्युंजय ने ‘यां’, ‘नश्वर-सी सुंदरता’, ‘ पिया हाजी अली’ ‘किमोथैरेपी’, ‘अजनबीयत’, ‘शहादत इस फलक के बीच जगमगाती है’, ‘मणिपुर एक तिरछी गड़ी वर्णमाला है राष्ट्र के कलेजे में’ आदि कविताएं सुनाई.

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चंद्रबली सिंह ने जनवाद को परिभाषित करने का काम किया

 ‘हमारा समय और चंद्रबली सिंह की आलोचना दृष्टि’ विषय पर लखनऊ में संगोष्ठी  प्रसिद्ध आलोचक चंद्रबली सिंह की पुण्य तिथि पर कैफ़ी आज़मी एकेडमी में ‘हमारा समय और चंद्रबली सिंह की आलोचना दृष्टि’ विषय पर चंद्रबली सिंह स्मृति न्यास, जलेस, जसम और प्रलेस की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सबसे पहले चंद्रबली सिंह के पुत्र प्रवाल कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। उसके बाद विषय प्रवर्तन करते हुए कथाकार देवेन्द्र ने अपने विद्यार्थी जीवन की तमाम यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि आपातकाल के समय एक…

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डीएम दिवाकर के साथ भाजपा एमएलसी द्वारा दुर्व्यवहार की साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों ने भर्त्सना की

पटना. बिहार के प्रगतिशील-जनवादी साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों ने एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट आॅफ सोशल स्टडीज, पटना में आयोजित सेमिनार ‘इंटरजेशनेल मोबिलिटी आॅफ कास्ट’ के दौरान भाजपा के एमएलसी संजय पासवान द्वारा एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट के पूर्व निदेशक डाॅ. डी.एम. दिवाकर के प्रति जातिसूचक शब्दों और गालियों के इस्तेमाल की तीखी भर्त्सना की है। भर्त्सना करने वालों में जन संस्कृति मंच के राज्य सचिव सुधीर सुमन और जसम पटना के संयोजक राजेश कमल, प्रेरणा,जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा के हसन इमाम, जनवादी लेखक संघ के राज्य अध्यक्ष डाॅ. नीरज सिंह और राज्य सचिव विनीताभ, प्रगतिशील लेखक…

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