कामरेड चंद्रशेखर का एक चित्र

  आज कामरेड चंद्रशेखर का जन्म दिन है. सत्तर के दशक में बनारस के कुछ प्रतिभाशाली चित्रकारों ने नक्सलवादी विचारधारा के करीब रहकर बहुत महत्वपूर्ण काम किया था। करूणानिधान, अनिल करनजई और विभास दास उनमें प्रमुख थे. कामरेड चंदू का यह चित्र विभास दास का बनाया हुआ है.

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भारतीय चित्रकला में ‘ कथा ’

’ ( एक लम्बे समय से भारतीय चित्रकला में जो कुछ हुआ वह ‘कथाओं’ के ‘चित्रण’ या इलस्ट्रेशन के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था इसलिए यहाँ ‘सृजन’ से ज्यादा कौशल को महत्व दिया जाता रहा .  इसमें कोई  संदेह नहीं कि एक ओर जहाँ कला में ‘कौशल’ या ‘नैपुण्य’  का महत्व सामंतवादी व्यवस्था में बढ़ता है वहीं दूसरी ओर कला में ‘कथा’ के महत्व को सर्वोपरि बनाये रखना , धर्मसत्ता की एक बुनियादी जरूरत होती है. अब तक के ‘तस्वीरनामा’ में हर सप्ताह हम आप किसी चित्र-विशेष  के बारे में…

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कद से बड़े कैनवास : श्वेता राय के चित्र

राकेश कुमार दिवाकर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में मुहम्मदाबाद छोटा सा शहर है. उस छोटी सी जगह से एक लड़की का आधुनिक कला जगत तक का सफर कई मायनों में असाधारण है. कदम दर कदम चुनौतियों से जुझती श्वेता राय के कैनवास का कद आज निस्संदेह श्वेता से बड़ा है. पुरुषवादी सामंती मानसिकता वाला एक पिछड़ा समाज लड़कियों के लिए एक कैदखाने की तरह होता है. वहां से किसी लड़के को भी कला की आधुनिक दुनिया में पहुंचना बहुत दुष्कर कार्य होता है और लड़की का पहुंचना तो एक…

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गाजीपुर में कला प्रदर्शनी में 100 चित्रकारों के चित्र, मूर्ति शिल्प, स्टालेशन आर्ट का प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में आज सम्भावना कला मंच और महिला महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में महिला महाविद्यालय के सभागार में उद‍्भव शीर्षक दो दिवसीय कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 100 चित्रकारों के चित्र, मूर्ति शिल्प, स्टालेशन आर्ट प्रदर्शित हुए. प्रदर्शनी का उदघाटन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सविता भारद्वाज, डॉ. गजाधर प्रसाद शर्मा ‘गंगेस ’, प्रो. राम प्रकाश कुशवाहा, डॉ. दीप्ती सिंह, डॉ. राज कुमार सिंह, डॉ. सूर्यनाथ पाण्डेय, व्यासमुनि राय, राजीव कुमार गुप्ता, संतन के. राम, सविका आब्दी आदि ने कैनवस पर चित्र बनाकर किया. कला…

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