चित्तप्रसाद और बच्चें : जिन फरिश्तों की कोई परिकथा नहीं

  ( तस्वीरनामा की दूसरी कड़ी में पूरी जिंदगी जनता के सुख-दुःख, जय-पराजय और श्रम-संघर्ष को अपने चित्रों से चित्रित करने वाले चित्रकार चित्तप्रसाद द्वारा बाल श्रमिकों पर बनाये गए चित्र श्रृंखला ‘ जिन फरिश्तों की कोईं परिकथा नहीं ‘ से हमें परिचित करा रहे हैं प्रसिद्ध चित्रकार अशोक भौमिक )   चित्तप्रसाद (1915 -1978) एक ऐसे विरल चित्रकार थे जो पूरी जिंदगी जनता के सुख-दुःख, जय-पराजय और श्रम-संघर्ष को अपने चित्र में चित्रित करते रहे. बंगाल के महा अकाल के समय (1943), उनके मार्मिक चित्रों ने पूरे देश को अकाल…

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