मैंने स्थापित किया अपना अलौकिक स्मारक (अलेक्सान्द्र सेर्गेयेविच पुश्किन की कविताएँ)

 मूल रूसी से अनुवाद : वरयाम सिंह; टिप्पणी : पंकज बोस पुश्किन के बारे में सोचते ही एक ऐसा तिकोना चेहरा जेहन में कौंधता है जिसके माथे पर घने और बिखरे-झूलते हुए बाल हैं और गालों पर दोनों ओर फैली हुई घनी दाढ़ी। कुछ तैल-चित्रों में गहरे काले बालों के साथ लगभग लाल पूरा चेहरा मिलकर एक कंट्रास्ट पैदा करता है और दाढ़ी और सर के बालों के बीच से झाँकता हुआ कान अलग से ध्यान खींचता है। पुश्किन के चेहरे का हर हिस्सा और हर कोना एक भव्यता की…

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एक और मार्क्स: वर्तमान को समझने के लिए मार्क्स द्वारा उपलब्ध कराए गए उपकरणों की जरूरत

  2018 में ब्लूम्सबरी एकेडमिक से मार्चेलो मुस्तो की इतालवी किताब का अंग्रेजी अनुवाद ‘एनादर मार्क्स: अर्ली मैनुस्क्रिप्ट्स टु द इंटरनेशनल’ प्रकाशित हुआ । अनुवाद पैट्रिक कैमिलर ने किया है । मुस्तो कहते हैं कि नए विचारों की प्रेरक क्षमता को यदि युवा होने का सबूत माना जाए तो मार्क्स बेहद युवा साबित होंगे । उनका कहना है कि पूंजीवाद के जीवन में सबसे हालिया 2008 के संकट के बाद से ही कार्ल मार्क्स के बारे में बातचीत शुरू हो गई है । बर्लिन की दीवार गिरने के बाद मार्क्स…

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