कौशल किशोर का कविता संग्रह ‘ नयी शुरुआत ‘ : ‘ स्वप्न अभी अधूरा है ‘ को पूरा करने के संकल्प के साथ

    शैलेन्द्र शांत  “नयी शुरुआत’ साठ पार कवि कौशल किशोर की कविता की दूसरी किताब है  । सांस्कृतिक , सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय रहे कौशल किशोर के इस संग्रह में 1969 से 1976 तक की कवितायें शामिल हैं. यानी कांग्रेसी शासन से मोहभंग की शुरुआत के बाद नक्सलबाड़ी किसान आंदोलन से लेकर आपातकाल तक की. कवि अपने वक्तव्य में खुद कहते हैं कि -‘बहुत कच्चापन मिलेगा इनमें ‘.  साथ ही यह भी कि – ‘पर यह कवि के बनने का दौर है ‘ .  आगे यह…

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‘ चन्द्रेश्वर की कविताएं सरल पर लिखना उतना ही कठिन ’

चन्द्रेश्वर प्रेम और प्रतिरोध के कवि हैं. ऐसी कविताओं की जरूरत थी. ये अपनी रचना प्रक्रिया और कन्टेन्ट में समकालीन कविताएं हैं. यहां व्यंग्य चित्र हैं, बहुत कुछ कार्टून की तरह. ये कविताएं जितनी सरल हैं, इन्हें लिखना उतना ही कठिन है. यहां सरलता जीवन मूल्य है.

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कविता शब्दों की इंजीनियरिंग है: प्रो. तरुण कुमार

गोरख पांडेय स्मृति आयोजन के दूसरे दिन प्रो. संतोष कुमार के कविता संग्रह ‘ढिबरी’ का लोकार्पण और बातचीत पटना, 29 जनवरी. हिरावल द्वारा आयोजित दो दिवसीय गोरख पांडेय स्मृति आयोजन के दूूसरे दिन 29 जनवरी को प्रो. संतोष कुमार के कविता संग्रह ‘ढिबरी’ का लोकार्पण और बातचीत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत संतोष झा, राजन, प्रीति प्रभा और प्रमोद यादव ने गोरख के दो गीतों ‘माया महाठगिनी हम जानीं’ और ‘बीतता अंधरिया के जमनवा’ गाकर की। उसके बाद गोरख पांडेय की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। संचालन हिरावल के सचिव…

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